आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 140 की रफ्तार में क्रेटा डिवाइडर से टकराई, 3 की मौत, 2 घायल
Digital UP News Desk
आगरा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसा डौकी थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब दिल्ली से बलिया जा रही क्रेटा कार तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार कई बार पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में पिछली सीट पर बैठे तीन लोगों की मौत हुई, जबकि आगे बैठे चालक और एक अन्य युवक घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के समय कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार के दौरान कार का संतुलन बिगड़ा और वह एक्सप्रेस-वे के डिवाइडर से जा टकराई। इसके बाद कार सड़क पर कई बार पलटी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
दिल्ली से बलिया जा रहे थे कार सवार
जानकारी के मुताबिक, क्रेटा कार में कुल पांच लोग सवार थे। सभी दिल्ली से बलिया की ओर जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब सात बजे डौकी थाना क्षेत्र में अचानक कार अनियंत्रित हो गई। इसके बाद कार डिवाइडर से टकराई और कई बार पलट गई।
हादसे के दौरान पिछली सीट पर बैठे तीन लोग कार से बाहर जा गिरे। पुलिस के मुताबिक, उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान जयप्रकाश, भूपेंद्र और कपिल के रूप में हुई है।
वहीं, कार के आगे बैठे चालक जसवंत और चंद्रकांत घायल हुए हैं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी है और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
सीट बेल्ट और एयरबैग से बची दो लोगों की जान
हादसे में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि कार के आगे बैठे चालक और चंद्रकांत ने सीट बेल्ट लगा रखी थी। टक्कर के बाद वाहन के एयरबैग खुल गए। इसके चलते दोनों को कार के अगले हिस्से में सुरक्षा मिली और उनकी जान बच गई।
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राधा मोहन द्विवेदी के अनुसार, टक्कर के बाद कार कुछ दूरी तक उछली और फिर सड़क पर पलटती हुई डिवाइडर से टकराई। दुर्घटना के दौरान एयरबैग तत्काल खुल गए। जसवंत और चंद्रकांत एयरबैग तथा सीट के बीच सुरक्षित स्थिति में फंस गए थे। इससे उन्हें गंभीर स्थिति से बचाने में मदद मिली।
यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार के साथ-साथ सीट बेल्ट के इस्तेमाल की अहमियत को सामने लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल दुर्घटना की स्थिति में चोटों की गंभीरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार
टक्कर इतनी जोरदार थी कि क्रेटा कार का अगला और पिछला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन के दोनों तरफ के हिस्से भी पिचक गए, जबकि दुर्घटना के दौरान कार के पहिए तक अलग हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसके बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को एक्सप्रेस-वे से हटाया गया, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाई।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय कार की रफ्तार करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की तेज गति को देखते हुए वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग करने की अपील की जाती रही है। खास तौर पर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को पर्याप्त आराम करने और वाहन पर नियंत्रण बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
डौकी थाना पुलिस ने मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है। वहीं, घायलों के उपचार की व्यवस्था की गई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ यह भी पता लगा रही है कि हादसे के समय वाहन की वास्तविक गति कितनी थी और किस परिस्थिति में चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया।
इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षित यातायात के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की जरूरत को रेखांकित किया है। तेज रफ्तार में वाहन चलाने से चालक को अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों में वाहन नियंत्रित करने के लिए कम समय मिलता है। ऐसे में गति सीमा का पालन, सीट बेल्ट का इस्तेमाल और सुरक्षित ड्राइविंग बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में जान गंवाने वाले जयप्रकाश, भूपेंद्र और कपिल के परिवारों में घटना के बाद शोक का माहौल है, जबकि घायल जसवंत और चंद्रकांत का उपचार जारी है।

