बदायूं में शराब की दुकानों पर ओवररेट बिक्री का आरोप, ककौड़ा का वीडियो वायरल

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रिपोर्ट: वीपिन यादव

बदायूं। जिले में शराब की दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक रेट पर शराब बेचे जाने के आरोप सामने आए हैं। कादरचौक थाना क्षेत्र के ककौड़ा गांव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

स्थानीय स्तर पर सामने आए इन आरोपों के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिले के कुछ शराब ठेकों पर अंग्रेजी और देशी शराब की बोतलों या पव्वों की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर की जा रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ककौड़ा गांव का वीडियो चर्चा में

मामला कादरचौक थाना क्षेत्र के ककौड़ा गांव का बताया जा रहा है। दावा है कि एक व्यक्ति ने शराब की दुकान पर बिक्री के दौरान कथित तौर पर निर्धारित कीमत से अधिक रकम लिए जाने का वीडियो बनाया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो को मात्र सामने आने के आधार पर पूरी तरह प्रमाणित घटना नहीं माना जा सकता। इसलिए वीडियो कब बनाया गया, इसमें दिखाई दे रही दुकान कौन-सी है और बिक्री के दौरान वास्तव में निर्धारित मूल्य से अधिक रकम ली गई या नहीं, इन सभी बिंदुओं की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही संभव होगी।

रिजोला समेत अन्य ठेकों पर भी आरोप

ककौड़ा के अलावा उसहैत थाना क्षेत्र के रिजोला समेत जिले के कुछ अन्य शराब ठेकों पर भी ओवररेट बिक्री के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि कुछ दुकानों पर ग्राहक से बोतल या पव्वे की तय कीमत से ज्यादा रकम ली जाती है।

यदि ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो विभाग के लिए इनकी जांच करना महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेष रूप से बिक्री मूल्य, दुकान के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और उपलब्ध डिजिटल भुगतान या अन्य बिक्री रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल

शराब की दुकानों की निगरानी आबकारी विभाग की जिम्मेदारियों में शामिल है। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर शराब मूल्य खोजने और शिकायत जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में ओवररेट बिक्री के आरोप सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि किसी दुकान पर लगातार निर्धारित मूल्य से अधिक रकम ली जा रही थी, तो निगरानी व्यवस्था के दौरान यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में क्यों नहीं आया।

हालांकि, यह भी जरूरी है कि वायरल वीडियो या स्थानीय आरोपों के आधार पर विभाग की कार्यशैली के बारे में अंतिम निष्कर्ष न निकाला जाए। इसके लिए आधिकारिक जांच और विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार करना उचित होगा।

शिकायत मिलने पर जांच से सामने आ सकती है सच्चाई

ओवररेट बिक्री के आरोपों की जांच के दौरान संबंधित दुकान का लाइसेंस, बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक और निर्धारित कीमत से जुड़े दस्तावेज देखे जा सकते हैं। इसके साथ ही मौके पर निरीक्षण कर यह भी जांचा जा सकता है कि ग्राहकों से किस कीमत पर शराब बेची जा रही है।

यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लाइसेंसधारी या विक्रेता के खिलाफ आबकारी नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो विभाग की जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

बदायूं जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी आबकारी विभाग से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 की दुकान और नवीनीकरण संबंधी आधिकारिक सूचनाएं उपलब्ध हैं।

अब कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल ककौड़ा गांव से सामने आए कथित वायरल वीडियो और जिले के अन्य ठेकों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच लोगों की नजर आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि विभाग वायरल वीडियो और संबंधित शिकायतों की जांच किस स्तर पर करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब की दुकानों पर बिक्री के दौरान ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक रकम नहीं ली जानी चाहिए। वहीं, विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ककौड़ा और अन्य स्थानों पर लगाए गए ओवररेट बिक्री के आरोप कितने सही हैं।

फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति या दुकान संचालक के खिलाफ दोष सिद्ध होने की बात नहीं कही जा सकती। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सामने आए आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।

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