मथुरा में ध्वनि प्रदूषण पर व्यापारियों की गुहार, नगर मजिस्ट्रेट ने डीजे संचालकों पर सख्ती का दिया आश्वासन
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर, डीजे और नगर में निकलने वाले विभिन्न डोले, शोभायात्राओं तथा अन्य आयोजनों में तेज आवाज में बजने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है। ध्वनि प्रदूषण से होने वाली परेशानी और नुकसान को देखते हुए नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा से मुलाकात की। व्यापारियों ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को बताया कि शहर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान कई बार तेज आवाज में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके कारण बाजारों में दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि तेज आवाज के कारण दुकान में रखे सामान पर भी असर पड़ता है और कई बार अलमारियों में रखा सामान गिरने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को भी असुविधा होती है।
व्यापारियों ने ध्वनि प्रदूषण से होने वाली परेशानियां बताईं
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नगर के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। मुख्य मार्गों से होकर तेज ध्वनि के साथ निकलने वाले आयोजनों के दौरान आसपास स्थित मकानों और दुकानों में कंपन महसूस होने की बात व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट के सामने रखी।
व्यापारियों के अनुसार, अस्पतालों, डॉक्टरों के क्लीनिकों तथा ऐसे घरों के आसपास भी तेज आवाज परेशानी का कारण बनती है, जहां बीमार या बुजुर्ग लोग रहते हैं। ऐसे में आयोजनों के दौरान ध्वनि की तीव्रता को निर्धारित सीमा में रखना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक आस्था और सामाजिक आयोजनों के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।
हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कराने की मांग
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष माननीय उच्च न्यायालय के ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित सीमा के अनुरूप होना चाहिए। व्यापारियों ने मांग की कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजनों और संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में बलरामपुर में तेज ध्वनि से जुड़ी एक मौत का उल्लेख करते हुए प्रशासन से सावधानी बरतने की अपील की। हालांकि, इस संबंध में सामने आए दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है। व्यापारियों का कहना था कि किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन को पहले से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
तीन दिन के अंदर होगी संबंधित विभागों के साथ बैठक
व्यापारियों की शिकायत पर नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर विषय है और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ध्वनि की सीमा निर्धारित है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयोजनों के दौरान नियमों का पालन हो और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि तीन दिन के अंदर नगर निगम, प्रदूषण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसके साथ ही डीजे संचालकों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का काम करने वाले लोगों को भी बैठक में बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे व्यापारियों को उम्मीद है कि बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेज ध्वनि की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा।
व्यापारियों ने प्रशासन के कदम का किया स्वागत
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन का स्वागत किया। व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के प्रति उनका सम्मान है, लेकिन आयोजनों के दौरान ध्वनि की निर्धारित सीमा और प्रशासनिक नियमों का पालन भी जरूरी है।
उनका कहना है कि यदि आयोजनों के लिए पहले से निर्धारित नियमों का पालन किया जाए तो धार्मिक कार्यक्रम, शोभायात्राएं और अन्य सामाजिक आयोजन भी व्यवस्थित तरीके से आयोजित किए जा सकते हैं। साथ ही बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सकती है।
प्रतिनिधिमंडल में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महानगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महामंत्री शशिभानु गर्ग, सुनील साहनी, उपाध्यक्ष राजनारायण गौड, सहमहामंत्री श्री भगवान चतुर्वेदी और युवा नगर अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

