फतेहपुर में कच्चा मकान गिरने से दो भाई मलबे में दबे, आठ वर्षीय मासूम की मौत

ANUGRAH 17

रिपोर्ट: राम चंद्र सैनी, फतेहपुर

फतेहपुर/खागा। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। लगातार हो रही बारिश के बीच एक पुराना कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान के कमरे में सो रहे दो सगे भाई मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने आठ वर्षीय आनंद सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके 11 वर्षीय बड़े भाई गुड्डू सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों ने परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर क्षेत्रीय लेखपाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की ओर से कच्चे मकान की स्थिति और आवास की जरूरत को लेकर आवेदन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका।

बारिश के बीच कमजोर हो गया था कच्चा मकान

जानकारी के अनुसार, खागा कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी रावेंद्र सिंह गुजरात के सूरत में मजदूरी करते हैं। गांव में उनकी पत्नी नीतू सिंह अपने दोनों बेटों 11 वर्षीय गुड्डू और आठ वर्षीय आनंद के साथ रहती थीं। परिवार जिस मकान में रह रहा था, वह काफी पुराना और कच्चा बताया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसके चलते मकान की मिट्टी की दीवारों और छत पर नमी बढ़ गई थी। बारिश के कारण मकान की स्थिति पहले से कमजोर हो चुकी थी। ऐसे में शनिवार तड़के परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद साबित हुआ।

मवेशियों को चारा देने गई थी मां

बताया गया कि शनिवार तड़के करीब चार बजे नीतू सिंह दोनों बच्चों को कमरे में सोता छोड़कर मवेशियों को चारा डालने के लिए बाहर गई थीं। इसी दौरान करीब 20 मिनट बाद अचानक मकान की छत भरभराकर नीचे गिर गई। छत और मिट्टी की दीवारों का मलबा कमरे में सो रहे दोनों भाइयों के ऊपर जा गिरा।

मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद नीतू सिंह की चीख-पुकार से गांव में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों भाइयों को मलबे से बाहर निकाला गया।

अस्पताल पहुंचने पर आठ वर्षीय आनंद को मृत घोषित किया

परिजन और ग्रामीण दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने आठ वर्षीय आनंद सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 11 वर्षीय गुड्डू सिंह गंभीर रूप से घायल था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

आनंद सिंह गांव के ही परिषदीय विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर ग्रामीणों में नाराजगी

हादसे के बाद ग्रामीणों ने परिवार की आवास संबंधी समस्या को लेकर प्रशासन के सामने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार ने आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन पात्रता और जरूरत के बावजूद उन्हें पक्का मकान उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।

एसडीएम ने लिया हादसे का संज्ञान

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एसडीएम अश्वनी पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए राजस्व टीम को मौके पर भेजने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मकान गिरने से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार, पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही, हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

लगातार बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती बढ़ी

फतेहपुर समेत आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर कमजोर मकानों की पहचान कर जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

गोपालपुर की घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। वहीं, पीड़ित परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब घायल 11 वर्षीय गुड्डू के उपचार और भविष्य की है।

फिलहाल प्रशासन की राजस्व टीम नुकसान का आकलन कर रही है। परिवार को सरकारी सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने आवास योजना के लाभ से वंचित परिवारों की दोबारा जांच कराने और जरूरतमंदों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

You may have missed