मुरादाबाद में प्लॉट-मकान खरीदने से पहले रहें सावधान, विकास प्राधिकरण ने जारी की जरूरी गाइडलाइन
Digital UP News Desk
मुरादाबाद: अगर आप मुरादाबाद, गजरौला या आसपास के क्षेत्र में प्लॉट, मकान या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो संपत्ति खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों और स्वीकृत मानचित्र की जांच करना बेहद जरूरी है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण को लेकर आम जनता के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, मुरादाबाद महायोजना-2031 और गजरौला महायोजना-2031 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में संपत्ति खरीदने से पहले लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित भूखंड, भवन या परियोजना नियमानुसार स्वीकृत है। प्राधिकरण के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जहां बिना मानचित्र स्वीकृत कराए प्लॉटिंग की जा रही है और कुछ स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति के फ्लैटों का निर्माण कर उन्हें बिक्री के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
संपत्ति खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करें। खासतौर पर प्लॉट खरीदते समय यह देखना जरूरी है कि संबंधित लेआउट या मानचित्र सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।
इसी तरह यदि कोई व्यक्ति मकान या फ्लैट खरीद रहा है, तो उसे निर्माण की वैधता और स्वीकृत मानचित्र के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। केवल विक्रेता या बिल्डर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संपत्ति खरीदने के बजाय संबंधित दस्तावेजों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
फ्लैट खरीदने वालों के लिए रेरा पंजीकरण की जांच जरूरी
फ्लैट या किसी आवासीय परियोजना में निवेश करने वाले खरीदारों को बिल्डर से परियोजना का रेरा पंजीकरण नंबर लेना चाहिए। इसके बाद संबंधित परियोजना का विवरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जांचा जा सकता है।
इस सत्यापन के जरिए खरीदार परियोजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। इसलिए फ्लैट बुक करने या भुगतान करने से पहले परियोजना की वैधता और उपलब्ध रिकॉर्ड को देखना महत्वपूर्ण है।
बिना नक्शे के निर्माण पर हो सकती है कार्रवाई
विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों के विपरीत हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसमें निर्माण कार्य रुकवाने, भवन को सील करने और नियमों के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति अपने भूखंड पर नया निर्माण शुरू करने जा रहा है, तो उसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र और अनुमति प्राप्त है। इससे भविष्य में होने वाली कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।
अवैध निर्माण से भविष्य में बढ़ सकती हैं दिक्कतें
संपत्ति खरीदते समय केवल जमीन या भवन की कीमत और स्थान को देखना पर्याप्त नहीं है। संपत्ति की वैधता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी संपत्ति का निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं है या उसका मानचित्र स्वीकृत नहीं है, तो भविष्य में खरीदार को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मसलन, ऐसी संपत्ति के लिए बैंक से ऋण लेने में दिक्कत आ सकती है। इसके अलावा बिजली और पानी के कनेक्शन से संबंधित समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। भविष्य में संपत्ति को बेचने या उसका हस्तांतरण कराने के दौरान भी दस्तावेजों की वैधता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसी वजह से विकास प्राधिकरण ने लोगों को जल्दबाजी में संपत्ति खरीदने के बजाय पहले उसके सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करने की सलाह दी है।
ऑनलाइन माध्यम से मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अपने भूखंड पर निर्माण करने वाले लोगों से अपील की है कि निर्माण शुरू करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराया जाए। इसके लिए उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्राधिकरण का कहना है कि नियमों के अनुसार मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए। इससे निर्माण की वैधता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है और भविष्य में कार्रवाई की आशंका भी कम होती है।
समस्या होने पर हेल्प डेस्क और जनसुनवाई में करें संपर्क
यदि किसी व्यक्ति को संपत्ति के मानचित्र, निर्माण की अनुमति या अन्य संबंधित प्रक्रिया को लेकर कोई समस्या या भ्रम है, तो वह मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की हेल्प डेस्क अथवा जनसुनवाई के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकता है।
प्राधिकरण की अपील का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग अपनी मेहनत की कमाई किसी ऐसी संपत्ति में निवेश न करें, जिसके दस्तावेज या निर्माण की स्थिति स्पष्ट न हो। इसलिए प्लॉट, मकान या फ्लैट खरीदने से पहले संबंधित कागजात, स्वीकृत मानचित्र और जहां लागू हो वहां रेरा पंजीकरण की जांच करना जरूरी है।
खरीदारों के लिए जरूरी संदेश
संपत्ति खरीदना आमतौर पर लंबे समय का निवेश होता है। ऐसे में केवल आकर्षक कीमत, बेहतर लोकेशन या बिल्डर के दावों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय दस्तावेजों का सत्यापन करना जरूरी है। विशेष रूप से मुरादाबाद और गजरौला क्षेत्र में संपत्ति खरीदने वाले लोगों को यह देखना चाहिए कि संबंधित परियोजना या भूखंड नियमानुसार स्वीकृत है या नहीं।

