औरैया में बारिश से कच्चे मकान पर गिरा पेड़, परिवार बाल-बाल बचा
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया: जनपद में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सहार ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगवां के मजरा पुरवा महिपाल में बीती रात तेज बारिश के बीच एक कच्चे मकान पर बड़ा बबूल का पेड़ गिर गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य मकान के अंदर सो रहे थे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरने से किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई और पूरा परिवार सुरक्षित बच गया।
बारिश के दौरान अचानक हुए इस हादसे के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर परिवार की मदद की और पेड़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकान का जायजा लिया। पेड़ गिरने से मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। कच्चे मकान में रहने वाले परिवार के सामने अब बारिश के बीच सुरक्षित रहने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सोते समय मकान पर गिरा बबूल का पेड़
जानकारी के अनुसार, पुरवा महिपाल निवासी राजीव कुमार अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। बीती रात क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक एक बड़ा बबूल का पेड़ मकान के ऊपर जा गिरा। उस समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे।
पेड़ गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्यों में चिंता पैदा हो गई। हालांकि, संयोग से पेड़ का गिरना ऐसा रहा कि परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं लगी। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभालने में मदद की।
मकान का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण पहले से ही कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं ग्रामीण परिवारों की मुश्किलों को और बढ़ा रही हैं।
बारिश से दूसरा कच्चा मकान भी प्रभावित
इसी गांव में लगातार बारिश के कारण एक अन्य कच्चे मकान की छत भी भरभराकर गिर गई। गांव निवासी चंद्रकांत शुक्ला के कच्चे मकान की छत गिरने के बाद परिवार के सामने रहने और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या पैदा हो गई है।
बारिश के मौसम में कच्चे मकानों की स्थिति पहले से ही कमजोर हो जाती है। लगातार पानी गिरने के कारण दीवारों और छतों में नमी बढ़ने से उनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। पुरवा महिपाल में सामने आई दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भी चिंता बढ़ गई है।
हालांकि, इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन मकानों को हुए नुकसान के कारण प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान घरों में रखा घरेलू सामान भी सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है।
गांव में जगह-जगह जलभराव की स्थिति
लगातार बारिश के कारण पुरवा महिपाल समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश का पानी जमा होने से ग्रामीणों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। वहीं, कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो कच्चे मकानों को और नुकसान पहुंच सकता है। जलभराव के कारण मकानों के आसपास की जमीन भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कराने की मांग की है।
प्रभावित परिवारों के सर्वे की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन लोगों के मकान बारिश या पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी स्थिति का मौके पर जाकर आकलन किया जाना चाहिए। इसके बाद नियमानुसार पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता और जरूरी राहत उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, कमजोर और जर्जर पेड़ों की भी जांच कराई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
फिलहाल, पुरवा महिपाल में बबूल का पेड़ गिरने से मकान को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन परिवार के सभी सदस्यों के सुरक्षित बच जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, दूसरे कच्चे मकान की छत गिरने की घटना ने भी बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की चुनौतियों को सामने ला दिया है।
लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की ओर है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

