उन्नाव में बाढ़ ड्यूटी के भुगतान को लेकर गौशाला कर्मियों का धरना, कमीशन मांगने का आरोप, जानिए किस पर है आरोप,,
रिपोर्ट- रंंजीत सिंह
उन्नाव। नगर पालिका परिषद गंगाघाट के नेतुवा स्थित कान्हा गौशाला में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने शुक्रवार को बाढ़ के दौरान की गई ड्यूटी के भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया। भारी बारिश के बीच कर्मचारियों ने गौशाला के मुख्य गेट पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। कर्मचारियों ने पालिका प्रभारी अनूप शुक्ला और पूर्व गौशाला प्रभारी आदित्य मिश्रा पर भुगतान के एवज में कथित तौर पर दो हजार रुपये कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। हालांकि, पालिका प्रभारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
कर्मचारियों के धरने के चलते कुछ समय के लिए गौशाला परिसर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। कर्मचारियों का कहना है कि बाढ़ के दौरान जब क्षेत्र में पानी बढ़ रहा था, उस समय उन्होंने गौवंश की देखभाल और सुरक्षा के लिए अपनी ड्यूटी निभाई थी। ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि बाढ़ के दौरान किए गए अतिरिक्त कार्य का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा। लेकिन, भुगतान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
बाढ़ के दौरान गौवंश की देखभाल का दावा
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति के दौरान गौशाला में मौजूद गौवंश की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण था। कर्मचारियों के अनुसार, उन्होंने विपरीत मौसम और बारिश के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका दावा है कि बाढ़ के समय गौवंश की व्यवस्था से जुड़े कार्यों में उन्होंने योगदान दिया और निर्धारित ड्यूटी के अतिरिक्त भी काम किया।
इसी भुगतान को लेकर कर्मचारियों ने पालिका अधिकारियों से अपनी बात रखने की कोशिश की। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्हें भुगतान के संबंध में अपेक्षित जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने शिकायत का रास्ता अपनाया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पूर्व में आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भुगतान कराने के बदले उनसे कथित रूप से दो हजार रुपये की मांग की गई। हालांकि, यह आरोप कर्मचारियों की ओर से लगाए गए हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यही वजह है कि पूरे मामले में संबंधित अभिलेखों और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पालिका प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, नगर पालिका परिषद गंगाघाट के पालिका प्रभारी अनूप शुक्ला ने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए कमीशन मांगने के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि बाढ़ का पानी आने के बाद कान्हा गौशाला में मौजूद गौवंश को दूसरी गौशालाओं में भेज दिया गया था।
पालिका प्रभारी के मुताबिक, गौवंश को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने के बाद संबंधित कर्मचारियों को शुक्लागंज से मरहला चौराहे तक डिवाइडर की सफाई का कार्य सौंपा गया था। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने आवंटित सफाई कार्य नहीं किया। ऐसे में भुगतान को लेकर कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे दावे की वास्तविक स्थिति कार्य आवंटन और उपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
ड्यूटी और भुगतान अभिलेखों की जांच जरूरी
मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण अब कर्मचारियों की ड्यूटी, कार्य आवंटन, उपस्थिति और भुगतान से संबंधित अभिलेख महत्वपूर्ण हो गए हैं। यदि संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि कर्मचारियों को बाढ़ के दौरान किस प्रकार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उन्होंने वास्तव में कौन-कौन से कार्य किए।
इसके अलावा, आईजीआरएस के माध्यम से की गई शिकायत का रिकॉर्ड भी मामले की जांच में उपयोगी हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या को पहले भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया था। इसलिए शिकायत पर हुई कार्रवाई और उसके आधार पर तैयार रिपोर्ट की जानकारी भी सामने आने से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने की तैयारी
धरना दे रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर आगे भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेंगे। कर्मचारियों के अनुसार, वे शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन के माध्यम से वे बाढ़ के दौरान की गई ड्यूटी के भुगतान और लगाए गए कथित कमीशन मांगने के आरोपों की जांच की मांग रख सकते हैं।
वहीं, पालिका प्रशासन की ओर से कर्मचारियों के कार्य आवंटन और ड्यूटी को लेकर अलग पक्ष सामने आया है। ऐसे में अब जिलास्तर पर होने वाली शिकायत और उसके बाद की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

