बिजनौर के पेदा हत्याकांड में 10 साल बाद नितिन दोषमुक्त, कोर्ट ने सुनाया फैसला
रिपोर्ट- ताबिश मिर्जा
बिजनौर। जिले के चर्चित पेदा हत्याकांड से जुड़े करीब 10 साल पुराने मामले में अदालत ने अभियुक्त नितिन को दोषमुक्त कर दिया है। 16 सितंबर 2016 को दर्ज ट्रिपल मर्डर केस से संबंधित इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सीमा वर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। न्यायालय के निर्णय के बाद नितिन के परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
यह मामला अपराध संख्या 1036/2016 से संबंधित बताया गया है। अभियोजन के अनुसार, यह मामला 16 सितंबर 2016 की घटना से जुड़ा हुआ था। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले की सुनवाई पूरी हुई और अदालत ने सत्रवाद संख्या 1258/2023, राज्य बनाम नितिन में फैसला सुनाया। अदालत के फैसले में अभियुक्त नितिन पुत्र संसार सिंह, निवासी पेदा को दोषमुक्त कर दिया गया।
करीब एक दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया
पेदा हत्याकांड से जुड़े इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया लंबी चली। वर्ष 2016 में मामला दर्ज होने के बाद विभिन्न स्तरों पर जांच और कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी। इसके बाद प्रकरण अदालत में पहुंचा, जहां साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर सुनवाई की गई।
समय बीतने के साथ यह मामला स्थानीय स्तर पर भी चर्चा में बना रहा। हालांकि, न्यायालय में किसी भी मामले का अंतिम निष्कर्ष प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और कानून के आधार पर होता है। इसी क्रम में अदालत ने संबंधित मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त नितिन को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद आया फैसला
अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सीमा वर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया गया। इसके बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने नितिन को इस मामले में दोषी नहीं माना और उसे दोषमुक्त कर दिया।
कानूनी प्रक्रिया में अदालत का फैसला महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि किसी अभियुक्त के संबंध में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय होता है। ऐसे में करीब 10 वर्ष पुराने इस मामले में आया निर्णय संबंधित परिवार के लिए महत्वपूर्ण रहा।
अधिवक्ता राजेंद्र सिंह ने की पैरवी
अभियुक्त नितिन की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र सिंह ने अदालत में पैरवी की। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से रखे गए कानूनी पक्ष पर भी न्यायालय ने विचार किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने नितिन को दोषमुक्त कर दिया।
फैसला आने के बाद नितिन के परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल रहा। परिजनों ने अधिवक्ता राजेंद्र सिंह के चैंबर पर पहुंचकर खुशी जाहिर की और मिठाई बांटी। इस दौरान परिवार के लोगों ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त किया।
फैसले के बाद परिजनों ने मनाई खुशी
अदालत से दोषमुक्त किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद नितिन के परिजन अधिवक्ता के चैंबर पहुंचे। वहां उन्होंने मिठाई बांटकर अपनी खुशी साझा की। करीब एक दशक से चले आ रहे मामले में अदालत के निर्णय के बाद परिवार के लिए यह राहत का अवसर रहा।
पेदा हत्याकांड से संबंधित इस प्रकरण की चर्चा लंबे समय से होती रही है। हालांकि, वर्तमान में अदालत द्वारा सुनाया गया फैसला ही इस मामले में नितिन के संबंध में न्यायिक स्थिति को निर्धारित करता है। इसलिए मामले से जुड़े किसी भी पक्ष के बारे में निष्कर्ष निकालते समय अदालत के निर्णय और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड को ही आधार माना जाना चाहिए।
2016 की घटना से जुड़ा था मामला
यह मामला 16 सितंबर 2016 को दर्ज किए गए ट्रिपल मर्डर केस से संबंधित बताया गया है। अपराध संख्या 1036/2016 के तहत दर्ज प्रकरण में नितिन को अभियुक्त बनाया गया था। बाद में मामला न्यायालय में पहुंचा और सत्रवाद संख्या 1258/2023 के रूप में सुनवाई हुई।
कई वर्षों तक चली सुनवाई के बाद आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद अभियुक्त नितिन को दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और न्यायिक रिकॉर्ड के संबंध में अंतिम जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही देखी जानी चाहिए।
न्यायालय का फैसला बना चर्चा का विषय
पेदा हत्याकांड से जुड़े पुराने मामले में अदालत के फैसले के बाद यह प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खास तौर पर इसलिए कि मामले में करीब 10 वर्ष बाद फैसला सामने आया है। न्यायालय द्वारा नितिन को दोषमुक्त किए जाने के बाद उनके परिजनों ने राहत की सांस ली और अधिवक्ता के चैंबर पर मिठाई बांटकर खुशी जताई।
इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी भी आपराधिक प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों और कानूनी पक्षों की जांच के बाद ही अदालत अंतिम निर्णय तक पहुंचती है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सत्रवाद संख्या 1258/2023 में नितिन को दोषमुक्त किए जाने का फैसला सुनाया गया है।

