25 दिनों से मेयर के शहर से बाहर रहने पर कांग्रेस का सवाल, मथुरा नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठाए मुद्दे

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा: मथुरा-वृंदावन नगर निगम की व्यवस्थाओं और शहर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर महानगर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पं. यतेंद्र मुकद्दम ने मेयर के पिछले करीब 25 दिनों से शहर में दिखाई नहीं देने का दावा करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब शहर के प्रथम नागरिक ही लंबे समय तक जनता के बीच नजर नहीं आ रहे हैं, तो शहर की समस्याओं और विकास कार्यों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है।

पं. यतेंद्र मुकद्दम ने नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, जलभराव और जल निकासी जैसी समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, बारिश और जलभराव के बाद कई इलाकों में सफाई तथा पानी निकासी को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर जनता के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है।

सफाई और जलभराव को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह गंदगी और जलभराव की शिकायतें लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम से प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि नगर निगम का मूल दायित्व शहर को स्वच्छ रखना, जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाना और नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। ऐसे में यदि किसी क्षेत्र में लगातार शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता नगर निगम को टैक्स देती है और इसके बदले शहर में बेहतर नागरिक सुविधाओं की अपेक्षा रखती है। इसलिए सफाई, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

पंप ऑपरेटरों की व्यवस्था पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने नगर निगम में पंप ऑपरेटरों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पंपिंग व्यवस्था महत्वपूर्ण है। यदि पंप ऑपरेटरों की तैनाती या उपलब्धता को लेकर कोई समस्या है, तो नगर निगम को उसका तत्काल समाधान करना चाहिए।

मुकद्दम ने भुगतान और कमीशन को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में उन्होंने जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या प्रक्रिया संबंधी शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए।

मेयर की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस का तंज

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने मेयर की कथित गैरमौजूदगी को लेकर व्यंग्य करते हुए कहा कि शहर में समस्याएं बनी हुई हैं और जनता उनके समाधान की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मेयर करीब 25 दिनों से शहर में मौजूद नहीं हैं, तो इस अवधि में नगर निगम के विकास कार्यों और नागरिक समस्याओं की निगरानी किस स्तर पर हुई।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जनता के बीच जाकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति भी समझनी चाहिए। खासकर सफाई, जलभराव और जल निकासी जैसी समस्याओं में स्थानीय स्तर पर निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई की जरूरत होती है।

जनता के बीच मौजूदगी की मांग

यतेंद्र मुकद्दम ने कहा कि नगर निगम जनता की सेवा के लिए बनाया गया स्थानीय निकाय है। इसलिए लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने मेयर से शहर में लौटकर जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और नगर निगम की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की मांग की।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले 25 दिनों के दौरान शहर की प्रमुख समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर क्या कार्रवाई की गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि नगर निगम प्रशासन ने सफाई, जलभराव और जल निकासी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर जवाब की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मथुरा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन नगरी है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों पर भी पड़ता है।

उन्होंने नगर निगम से शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए नियमित निगरानी, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

फिलहाल, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष के इन आरोपों और सवालों के बीच नगर निगम तथा मेयर की ओर से इस संबंध में कोई पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए मेयर की गैरमौजूदगी, नगर निगम की व्यवस्थाओं और भुगतान अथवा कमीशन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक होगी।

यतेंद्र मुकद्दम ने अंत में व्यंग्य करते हुए कहा कि मेयर शहर में नहीं हैं, लेकिन शहर की समस्याएं यहीं मौजूद हैं। अब जनता यह जानना चाहती है कि मेयर कब लौटेंगे और नगर निगम नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए कब प्रभावी कदम उठाएगा।