बदायूं में प्रेमी जोड़े से मारपीट और किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप, तीन गिरफ्तार

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रिपोर्ट- विपिन यादव 

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघेती थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जंगल क्षेत्र में मौजूद एक युवक और किशोरी को स्थानीय युवकों के एक समूह ने घेर लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और किशोरी के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। घटना के दौरान आरोपियों द्वारा वीडियो बनाए जाने की बात भी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली है।

बताया जा रहा है कि यह घटना 17 सितंबर की है। आरोप के मुताबिक, उघेती थाना क्षेत्र में एक युवक और किशोरी मौजूद थे। इसी दौरान क्षेत्र के करीब आठ से दस युवकों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। इसके बाद किशोरी के साथ छेड़छाड़ किए जाने की भी बात सामने आई है।

घटना का वीडियो बनाने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि कथित तौर पर कुछ युवकों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, आरोपियों के चंगुल से किसी तरह निकलने के बाद युवक और किशोरी वहां से चले गए। घटना के बाद कई दिनों तक मामला सामने नहीं आया, लेकिन गुरुवार को इसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई।

हालांकि, पुलिस जांच के दौरान वीडियो की वास्तविकता और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि यदि वीडियो को डिलीट किया गया है तो उसे तकनीकी माध्यम से बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना का कोई वीडियो बनाया गया था या उसे किसी अन्य माध्यम से साझा किया गया।

पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि घटनास्थल पर उस समय कितने लोग मौजूद थे और घटना में किस-किस की भूमिका रही। इसलिए पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पीड़ित युवक की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मारपीट और छेड़छाड़ समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी आरोपी को अदालत से दोष सिद्ध होने से पहले दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस द्वारा की जा रही जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

एडीजी और डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मामले का संज्ञान लिया। एडीजी और डीआईजी बरेली ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने जांच की प्रगति, आरोपियों की गिरफ्तारी और संभावित साक्ष्यों के संबंध में जानकारी हासिल की।

वरिष्ठ अधिकारियों के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी जांच को तेज कर दिया है। खास तौर पर मोबाइल फोन, वीडियो और घटनास्थल से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर ध्यान दिया जा रहा है।

डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच

आज के समय में आपराधिक घटनाओं से जुड़े मामलों में मोबाइल फोन और वीडियो महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। ऐसे में पुलिस आरोपियों के जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर रही है। यदि किसी मोबाइल से वीडियो डिलीट किया गया है, तो पुलिस उसे रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि कथित वीडियो किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचा या नहीं और यदि साझा किया गया तो उसका प्रसार किस माध्यम से हुआ। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

मामले के सामने आने के बाद बढ़ी सक्रियता

घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस से अपेक्षा की जा रही है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाए।