कानपुर में वंदे मातरम् के पूरे हुए 150 वर्ष, सरस्वती शिशु मंदिर में किया गया विशेष आयोजन

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कानपुर के सिविल लाइंस स्थित श्री गुरु नारायण खत्री सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं और आचार्यों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत के इतिहास, महत्व और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में मां सरस्वती और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और आचार्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह मातृभूमि के प्रति सम्मान, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रगीत के महत्व को समझने और देश के प्रति अपने दायित्वों को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्या ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानकारी मिलती है। साथ ही, सामूहिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से किया राष्ट्रगीत का गायन

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस दौरान विद्यालय के आचार्य भी विद्यार्थियों के साथ शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके महत्व से अवगत कराना रहा।

इसके अलावा, मुख्य अतिथि दीप कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर के विद्यालयों में एक समय पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत के इतिहास और राष्ट्रीय जीवन में उसके महत्व के बारे में बताया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया ‘वंदे मातरम्’ का इतिहास

मुख्य अतिथि दीप कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रगीत ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इसके ऐतिहासिक महत्व को समझने के साथ-साथ राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों के बारे में भी जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

विद्यालय परिसर में रहा उत्साह का माहौल

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल रहा। मां सरस्वती और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ सहभागिता की।

वहीं, राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के दौरान विद्यार्थियों ने एक स्वर में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। विद्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के महत्व को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के साथ ही उन्हें देश के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया गया।

प्रधानाचार्या ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने मुख्य अतिथि, विद्यालय के आचार्यों और सभी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।

इसके बाद सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यालय प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना के साथ-साथ देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पक्षों के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम का संदेश

कानपुर के सिविल लाइंस स्थित श्री गुरु नारायण खत्री सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सामूहिक गायन के माध्यम से सहभागिता की, जबकि अतिथियों और विद्यालय के शिक्षकों ने उन्हें राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व की जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुधा सिंह और मुख्य अतिथि दीप कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का समापन भी सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ किया गया।

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