कानपुर में पिता की हत्या का खुलासा, बेटे पर सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में 5 सितंबर को हुई विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे सुव्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सुव्रत पर अपने पिता की हत्या की साजिश रचने और अन्य लोगों के जरिए वारदात को अंजाम दिलाने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों की निशानदेही से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में विशाल गौतम और राजकिशोर की भूमिका भी सामने आई है। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, हत्या की योजना पहले से तैयार की गई थी। पुलिस का कहना है कि सुव्रत ने कथित तौर पर विशाल गौतम और राजकिशोर को इसके लिए तैयार किया था। इसके बाद घर में प्रवेश करने के लिए डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई।
मेडिकल स्टोर पर काम करता था विशाल गौतम
पुलिस जांच के मुताबिक, विशाल गौतम वर्ष 2010 से 2022 तक विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर काम करता था। वर्ष 2022 में चोरी के आरोप में उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद विनीत मिनोचा और विशाल गौतम के बीच संबंध खराब हो गए थे। पुलिस के अनुसार, इसी पुराने परिचय का इस्तेमाल कथित साजिश में किया गया।
पूछताछ के दौरान विशाल गौतम ने पुलिस को बताया कि हत्या की योजना सुव्रत मिनोचा ने बनाई थी। उसके बयान के अनुसार, शालू मिनोचा की इस साजिश में कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में सामने आए सभी तथ्यों और बयानों को विवेचना के दौरान जांचा।
डुप्लीकेट चाबी से घर में प्रवेश की योजना
पुलिस के मुताबिक, सुव्रत ने विशाल और राजकिशोर के माध्यम से फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। पूछताछ में सामने आया कि 5 सितंबर को घर के अन्य सदस्य बाहर जाने के बाद दोनों को डुप्लीकेट चाबी के जरिए घर में प्रवेश करने की योजना बताई गई थी।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की योजना वारदात को इस तरह अंजाम देने की थी कि बाद में घटना को स्वाभाविक मौत का रूप दिया जा सके। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को ऐसे कई साक्ष्य मिले, जिनसे कथित साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
संपत्ति और कर्ज को लेकर सामने आई पुलिस की थ्योरी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुव्रत ने कथित तौर पर बताया कि उसे आशंका थी कि उसके पिता के दूसरी महिलाओं से संबंधों के कारण भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकता है। इसके अलावा, पुलिस ने सुव्रत पर कर्ज होने की बात भी सामने आने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, सुव्रत के जुआ और शराब की आदतों की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इसके साथ ही पुलिस का कहना है कि पिता को सड़क हादसे में मारने की योजना भी पहले बनाई गई थी, लेकिन वह योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद हत्या की दूसरी योजना तैयार किए जाने की बात जांच में सामने आई।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से मिली अहम जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उससे जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले कई मौकों पर सुव्रत और विशाल की लोकेशन एक ही स्थान पर मिली थी। डुप्लीकेट चाबी बनवाने के दौरान दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने की जानकारी भी जांच में सामने आई। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद दोनों ने मोबाइल फोन से आपस में हुई व्हाट्सऐप चैट भी डिलीट कर दी थी।
इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, विशाल ने घटना से करीब तीन दिन पहले नया सिम कार्ड लिया था। इन सभी तथ्यों को पुलिस ने मामले की विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।
डुप्लीकेट चाबी और कपड़े बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही घटना के समय राजकिशोर द्वारा पहने गए रक्त के निशान वाले कपड़े भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, डुप्लीकेट चाबी तैयार करने वाले व्यक्ति ने विशाल गौतम की पहचान की है। इससे पुलिस को चाबी तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच में मदद मिली। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को आपस में जोड़ने के बाद पुलिस ने सुव्रत की भूमिका को मामले में महत्वपूर्ण माना।
शालू मिनोचा की भूमिका पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में विशाल गौतम ने शालू मिनोचा का नाम भी लिया था। हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस को शालू की संलिप्तता की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि जांच में इसके विपरीत ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर सुव्रत की भूमिका पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया।
पुलिस के अनुसार, सुव्रत पर खुद को बचाने के लिए अपनी पत्नी को मामले में फंसाने की कोशिश करने का भी आरोप है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
मुख्य आरोपी के रूप में सुव्रत गिरफ्तार
विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुव्रत मिनोचा को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच में डुप्लीकेट चाबी, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। वहीं, मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

