बैंक वार्ता विफल: 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल पर अड़े बैंक कर्मचारी
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बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों को लेकर सरकार, बैंक प्रबंधन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। ऐसे में 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान कायम है। 22 सितंबर को केंद्रीय उप श्रमायुक्त के समक्ष हुई सुलह वार्ता भी बेनतीजा रही।
11 सितंबर की हड़ताल के बाद बढ़ा मनोबल
बैंक यूनियनों का कहना है कि 11 सितंबर को आयोजित देशव्यापी हड़ताल को मिले समर्थन से कर्मचारियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ा है। इसके बाद यूनाइटेड फोरम ने अपनी मांगों को लेकर अभियान और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कीं। रविवार को चलाए गए सोशल मीडिया अभियान को भी यूनियनों ने अपने आंदोलन के समर्थन का संकेत बताया।
वहीं, 22 सितंबर को हुई सुलह वार्ता में भारतीय बैंक संघ (IBA), वित्तीय सेवा विभाग (DFS), बैंक प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। हालांकि, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। इसके बाद UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल को जारी रखने का फैसला किया।
वित्त मंत्रालय की अपील भी नहीं मानी
हड़ताल को टालने के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से भी बैंक कर्मचारियों से अपील की गई थी। सरकार ने यूनियनों से बातचीत के माध्यम से लंबित मुद्दों का समाधान करने और प्रस्तावित हड़ताल से बचने का आग्रह किया। इसके बावजूद यूनियनों ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया।
UFBU का कहना है कि यदि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक फैसला सामने आता है, तभी हड़ताल पर पुनर्विचार किया जा सकता है। फिलहाल वार्ता में ऐसी प्रगति नहीं होने के कारण आंदोलन जारी रखने की घोषणा की गई है।
इन मांगों को लेकर आंदोलन
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, पेंशन अपडेशन, पीएलआई से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना और बैंकों में पर्याप्त भर्ती करना शामिल है। यूनियनों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की उपलब्धता और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग लंबे समय से बैंक कर्मचारी संगठनों के एजेंडे में रही है। UFBU का कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर पहले सहमति बनने के बावजूद इसका कार्यान्वयन लंबित है।
24 सितंबर को देशव्यापी प्रतिरोध प्रदर्शन
हड़ताल के समर्थन में 24 सितंबर को देशभर में प्रतिरोध प्रदर्शन किए जाने की भी जानकारी दी गई है। इसके माध्यम से बैंक कर्मचारी और अधिकारी अपनी मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित करेंगे। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है।
इस बीच बैंकिंग सेवाओं पर संभावित असर को देखते हुए बैंक प्रबंधन और सरकार की ओर से भी तैयारियां की जा रही हैं। वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध रखने, बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट चैनल को सक्रिय रखने और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से ग्राहकों को सुविधा देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राहकों पर पड़ सकता है असर
28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल से बैंक शाखाओं में होने वाले प्रत्यक्ष कामकाज पर असर पड़ सकता है। खास बात यह है कि 26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत अवकाश होने के कारण शाखा आधारित सेवाओं में लगातार कई दिनों तक व्यवधान की स्थिति बन सकती है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ सेवाओं पर स्थानीय स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।
ग्राहकों को सलाह दी गई है कि यदि उन्हें बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम कराना है तो उसे हड़ताल से पहले पूरा कर लें। विशेष रूप से चेक, दस्तावेज जमा करने, खाते से जुड़े कुछ कार्य और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी रहेगा।
27 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे
हड़ताल के कारण ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं में परेशानी न हो, इसके लिए 27 सितंबर, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य रूप से खुले रखने का फैसला किया गया है। RBI ने भी बैंक शाखाओं, कार्यालयों और संबंधित सुविधाओं को उस दिन खोलने की अनुमति दी है।
इस कदम का उद्देश्य हड़ताल से पहले ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का अवसर देना है। इसलिए जिन लोगों को शाखा में जाकर महत्वपूर्ण लेनदेन या अन्य कार्य कराने हैं, वे 27 सितंबर तक अपनी जरूरत के अनुसार बैंकिंग कार्य पूरा कर सकते हैं।
वार्ता से समाधान की उम्मीद अभी बनी
फिलहाल बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद कायम हैं। एक ओर सरकार और बैंक प्रबंधन हड़ताल टालने के लिए बातचीत और आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने पर जोर दे रहे हैं, वहीं UFBU अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यदि दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस सहमति बनती है तो हड़ताल की स्थिति में बदलाव संभव हो सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर की तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का कार्यक्रम जारी है। ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण शाखा-आधारित कार्य समय रहते पूरे कर लें।

