मुरादाबाद के नए डीएम अनुनय झा ने संभाला कार्यभार, बोले- तथ्यात्मक आलोचना का हमेशा स्वागत

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रिपोर्टर-मो अरशद

मुरादाबाद। मुरादाबाद को बुधवार को नया जिलाधिकारी मिला। नवागत आईएएस अधिकारी अनुनय झा ने मुरादाबाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर विधिवत जिलाधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया कर्मियों से पहली औपचारिक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव, जिले के विकास की प्राथमिकताओं और जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान को लेकर अपनी कार्ययोजना साझा की।

प्रेस वार्ता के दौरान डीएम अनुनय झा ने प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और प्रशासन से जुड़ी खबरों को सामने लाने में निष्पक्षता तथा तथ्यों की पुष्टि बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तथ्यात्मक आलोचना का हमेशा स्वागत करेंगे, क्योंकि इससे प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का अवसर मिलता है।

मुरादाबाद से ही शुरू हुआ था प्रशासनिक सफर

नवागत जिलाधिकारी अनुनय झा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपने करीब 10 वर्ष के प्रशासनिक सफर के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत मुरादाबाद में ही प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के तौर पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग जिलों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं।

अनुनय झा ने झांसी में एसडीएम के रूप में काम किया। इसके बाद वह अलीगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी रहे। वहीं, मथुरा-वृंदावन में उन्होंने नगर आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा महराजगंज और हरदोई के जिलाधिकारी के रूप में भी उन्होंने प्रशासनिक दायित्व निभाए।

इस तरह मुरादाबाद से शुरू हुआ उनका प्रशासनिक सफर अब इसी जिले के जिलाधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी तक पहुंचा है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिले के विकास और जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही।

निष्पक्ष और तथ्यात्मक पत्रकारिता पर जोर

मीडिया से संवाद करते हुए डीएम अनुनय झा ने कहा कि वह मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता में विश्वास रखते हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले संबंधित मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष जरूर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि इससे खबर अधिक संतुलित और तथ्यात्मक बनती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन की कार्यप्रणाली में कोई कमी दिखाई देती है और उसकी तथ्यात्मक आलोचना की जाती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा।

डीएम के मुताबिक, आलोचना का उद्देश्य यदि सुधार की दिशा में हो तो वह प्रशासन के लिए उपयोगी साबित होती है। हालांकि, उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने की अपील की और तथ्य आधारित संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही।

विकास कार्यों के लिए शॉर्ट और लॉन्ग टर्म प्लान

नवागत जिलाधिकारी ने मुरादाबाद के विकास कार्यों को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का भी खाका सामने रखा। उन्होंने विकास से जुड़े कार्यों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में रखने की बात कही है।

पहली श्रेणी में शॉर्ट टर्म यानी करीब छह महीने में पूरे किए जा सकने वाले कार्य शामिल होंगे। दूसरी श्रेणी में लॉन्ग टर्म यानी लगभग एक वर्ष में पूरा होने वाली योजनाओं और परियोजनाओं को रखा जाएगा।

डीएम ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही जिन योजनाओं में किसी स्तर पर देरी या समस्या सामने आएगी, उन्हें चिह्नित कर समाधान की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा केवल कागजी स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी। इससे विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

हर महीने जनहित के मुद्दों की समीक्षा

अनुनय झा ने कहा कि प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ-साथ जनहित से जुड़े मामलों की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। मीडिया के माध्यम से सामने आने वाली जनसमस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभागों के स्तर पर उनके समाधान की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि जनता से जुड़ा कोई मुद्दा सामने आता है तो उसके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जाएगा। साथ ही हर महीने ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि समाधान की दिशा में कितना काम हुआ है।

प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

डीएम अनुनय झा ने प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय बेहतर होने से जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने लाया जा सकता है।

उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक संवाद के लिए उनके कार्यालय के दरवाजे खुले रहेंगे। वहीं, पत्रकारों से भी अपील की कि किसी भी मामले को सामने लाने से पहले उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि करें और संबंधित प्रशासनिक पक्ष को खबर में शामिल करें।

इससे न केवल खबर की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि प्रशासन को भी वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता

नवागत जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और विकास कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।

मुरादाबाद में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत करने वाले अनुनय झा अब इसी जिले में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसलिए जिले से उनका पुराना प्रशासनिक जुड़ाव भी रहा है।

कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान, प्रशासनिक जवाबदेही और मीडिया के साथ बेहतर संवाद को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। अब इन प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू किया जाता है, यह आने वाले समय में प्रशासन की कार्यशैली से स्पष्ट होगा।

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