श्रावस्ती में पुलिस वाहन से गिरकर कमलेश की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप; दो कर्मचारी निलंबित

e06c1b25-e5b7-44df-8779-365d5a8fb19f

रिपोर्ट – सुरु प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव में भूमि विवाद से जुड़ी कार्रवाई के दौरान कमलेश नामक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कमलेश को पांच महिलाओं के साथ सरकारी वाहन से थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से बाहर निकलने का प्रयास किया और गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कमलेश को वाहन से धक्का देकर बाहर फेंका गया।

घटना के बाद मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही, प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद राजस्व निरीक्षक और संबंधित लेखपाल को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भूमि विवाद की सूचना पर पहुंची थी पुलिस और राजस्व टीम

जानकारी के मुताबिक, सिसवारा गांव में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले की शिकायत समाधान दिवस के दौरान भी की गई थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी इकौना के आदेश पर नायब तहसीलदार आयुष के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम गांव पहुंची थी।

टीम का उद्देश्य मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद के दौरान किसी अप्रिय स्थिति को रोकना था। प्रशासन के अनुसार, मौके पर राजस्व टीम की कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया और सरकारी कार्य में बाधा की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने पांच महिलाओं और एक पुरुष यानी कमलेश को हिरासत में लिया और उन्हें थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।

रास्ते में वाहन से गिरने के बाद घायल हुआ कमलेश

पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों को सरकारी वाहन से गिलौला थाने ले जाया जा रहा था। रास्ते में कमलेश ने वाहन का गेट खोल दिया और चलती गाड़ी से बाहर निकलने का प्रयास किया। इस दौरान वह सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर उसे संयुक्त जिला अस्पताल भिनगा रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर, कमलेश के परिजनों ने पुलिस के घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। मृतक की बहू का आरोप है कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस विपक्षी पक्ष का साथ दे रही थी। परिवार का दावा है कि जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वे कब्जे की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

परिजनों के मुताबिक, जब पुलिस सभी लोगों को थाने ले जाने लगी तो कमलेश को भी सरकारी वाहन में बैठाया गया। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान कमलेश को वाहन से धक्का देकर बाहर फेंका गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

इसलिए मामले में पुलिस के दावे और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच वास्तविक घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

डीएम और वरिष्ठ अधिकारियों ने ली जानकारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी और अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने भूमि विवाद और उसके बाद हुई कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की।

प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराई जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

राजस्व निरीक्षक और लेखपाल निलंबित

घटना के बाद प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया दोनों की ओर से लापरवाही सामने आई है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।

हालांकि, यह कार्रवाई कमलेश की मौत के लिए अंतिम जिम्मेदारी तय होने के समान नहीं है। घटना के पूरे क्रम, पुलिस वाहन में मौजूद लोगों, मौके की परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्रवाई की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना को लेकर कई सवाल

कमलेश की मौत के बाद मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकारी वाहन से बाहर निकलने की स्थिति आखिर कैसे बनी। पुलिस का कहना है कि कमलेश ने खुद वाहन का गेट खोलकर बाहर निकलने का प्रयास किया, जबकि परिवार का आरोप इससे अलग है।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि भूमि विवाद के दौरान पुलिस और राजस्व टीम की कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत हुई और हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था थी। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

गांव में पुलिस बल तैनात

घटना के बाद सिसवारा गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

वहीं, कमलेश की मौत के बाद परिवार घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, पुलिस अपने दावे के अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच में सहयोग कर रही है।

कुल मिलाकर, श्रावस्ती के सिसवारा गांव में भूमि विवाद के दौरान कमलेश की मौत का मामला पुलिस और प्रशासन के लिए जांच का विषय बन गया है। एक तरफ पुलिस वाहन से खुद बाहर निकलने की बात कह रही है, जबकि परिवार पुलिस पर धक्का देने का आरोप लगा रहा है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।