बदायूं की अलापुर पुलिस की इनामी बदमाश से हुई मुठभेड़, उपनिरीक्षक को लगी गोली – फिर जानिए आगे क्या हुआ?
रिपोर्ट – विपिन यादव
बदायूं: अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस और वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी जुम्मन पुत्र गट्टे उर्फ कमरउद्दीन घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। वहीं, आरोपी की ओर से की गई फायरिंग में एक उपनिरीक्षक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने घायल आरोपी और घायल उपनिरीक्षक को उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलापुर थाने में दर्ज गौकशी के एक मुकदमे में वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल मामले में पुलिस की अग्रिम कार्रवाई जारी है।
अलापुर क्षेत्र में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम वांछित आरोपी की तलाश में कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान पुलिस का सामना 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी जुम्मन से हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी जुम्मन के दोनों पैरों में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं भेजा।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से संबंधित मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
फायरिंग में उपनिरीक्षक कमर अहमद भी घायल
मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम के उपनिरीक्षक कमर अहमद के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की ओर से की गई फायरिंग के दौरान उपनिरीक्षक घायल हुए।
घटना के बाद पुलिस टीम ने दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं पहुंचाया। अस्पताल में दोनों का उपचार कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों की जांच भी की जा रही है।
आरोपी के पास से तमंचा और कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, चार खोखे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा मौके से एक छुरा और रस्सी भी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हथियार और कारतूस की बरामदगी को लेकर भी नियमानुसार जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बरामदगी और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी की गतिविधियों और संबंधित मुकदमे के बीच क्या संबंध रहा है।
गौकशी के मुकदमे में वांछित था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, जुम्मन अलापुर थाने में दर्ज गौकशी के एक मुकदमे में वांछित आरोपी था। इसी मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होता है। पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई के बाद जांच जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से बरामद सामान को सुरक्षित कर लिया है। इसके साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस की अग्रिम कार्रवाई में आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे, बरामद हथियार और मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग से जुड़े तथ्यों को शामिल किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। घायल आरोपी के उपचार के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, घायल उपनिरीक्षक कमर अहमद के स्वास्थ्य पर भी पुलिस अधिकारियों की नजर है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी दातागंज अशेष नाथ सिंह की ओर से पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।
बदायूं में पुलिस की कार्रवाई पर नजर
अलापुर क्षेत्र की इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संबंधित मुकदमे की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर मामले में अन्य आवश्यक तथ्यों की जानकारी जुटाई जाएगी।
फिलहाल घायल आरोपी और उपनिरीक्षक का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

