मथुरा में अवैध कॉलोनी पर चला MVDA का बुलडोजर, 20 हजार वर्ग मीटर में विकसित कॉलोनी ध्वस्त
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने गोवर्धन रोड स्थित जचौदा क्षेत्र में करीब 20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान कॉलोनी में निर्मित बाउंड्रीवॉल, गेट और सड़क को ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत की गई है। प्राधिकरण ने संबंधित मामले में पहले ही ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए मंगलवार को मौके पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
20 हजार वर्ग मीटर में विकसित की जा रही थी कॉलोनी
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गोवर्धन रोड स्थित जचौदा में श्री भवानी शंकर सेठ द्वारा लगभग 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। प्राधिकरण के अनुसार कॉलोनी के विकास के संबंध में आवश्यक नियामकीय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
मामले को लेकर प्राधिकरण की ओर से उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वाद संख्या MTDA/Z4/ANI/2026/0001012 दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई और संबंधित तथ्यों पर विचार के बाद प्राधिकरण ने 13 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था।
इसके बाद संबंधित पक्ष की ओर से कॉलोनी के नियमितीकरण के लिए शमन आवेदन प्रस्तुत किया गया। प्राधिकरण ने आवेदन की जांच की और उसमें पाई गई आपत्तियों के निराकरण के लिए संबंधित पक्ष को पत्र के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा।
आपत्तियों का निर्धारित समय में नहीं हुआ निराकरण
प्राधिकरण के अनुसार, शमन आवेदन की जांच के दौरान कुछ आपत्तियां सामने आई थीं। इन आपत्तियों के निराकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्ष को समय दिया गया। हालांकि, तय समयावधि के भीतर आपत्तियों का समाधान नहीं किया गया।
इसके परिणामस्वरूप शमन आवेदन को निरस्त कर दिया गया। आवेदन निरस्त होने के बाद पहले से पारित ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। इसी क्रम में मंगलवार को MVDA की प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
बाउंड्रीवॉल, गेट और सड़क को किया गया ध्वस्त
उपाध्यक्ष एन. लक्ष्मी के निर्देशन में तथा सचिव आशीष कुमार के नेतृत्व में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने जचौदा स्थित संबंधित स्थल पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अवैध कॉलोनी में बनाए गए बाउंड्रीवॉल, गेट और सड़क को ध्वस्त किया गया।
प्राधिकरण की टीम ने मौके पर मौजूद निर्माण और विकसित किए गए हिस्से को कार्रवाई के दायरे में लिया। इस दौरान अधिकारियों और प्रवर्तन दल ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना आवश्यक स्वीकृति या निर्धारित नियमों का पालन किए विकसित की जा रही कॉलोनियों पर नियंत्रण स्थापित करना बताया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण की ओर से लोगों से भी अपील की जाती रही है कि वे किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसके वैध होने और संबंधित स्वीकृतियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
MVDA की उपाध्यक्ष एन. लक्ष्मी ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण का कहना है कि नियोजन क्षेत्र में नियमों के विपरीत विकसित की जा रही कॉलोनियों की निगरानी की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार भी लगातार हो रहा है। ऐसे में विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि क्षेत्र में होने वाले निर्माण और कॉलोनी विकास कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप हों।

