साइबर ठगी के 39,999.98 रुपये पुलिस ने कराए वापस, सोनभद्र में साइबर टीम की कार्रवाई

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रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में साइबर ठगी के एक मामले में पन्नूगंज पुलिस और साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को राहत दिलाई है। पुलिस की सक्रियता के चलते साइबर ठगी के शिकार हुए जितेन्द्र कुमार सिंह के बैंक खाते में 39,999.98 रुपये वापस करा दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के साथ कुल 99,998.90 रुपये की साइबर ठगी हुई थी।

रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पन्नूगंज पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय का उदाहरण बताया जा रहा है।

शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने शुरू की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एलाही निवासी जितेन्द्र कुमार सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके साथ करीब एक लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

शिकायत प्राप्त होते ही साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके तहत सबसे पहले मामले का अवलोकन राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर किया गया। इसके बाद लेनदेन से संबंधित जानकारी की जांच करते हुए संबंधित बैंक खाते में रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस की तत्परता का उद्देश्य यह था कि ठगी की रकम को आगे किसी दूसरे खाते में स्थानांतरित होने से रोका जा सके। इसके लिए साइबर टीम ने उपलब्ध बैंकिंग विवरण और लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र किया।

बैंक से समन्वय कर वापस कराई रकम

पुलिस के मुताबिक, मामले में साइबर टीम ने संबंधित बैंक के अधिकारियों के साथ ई-मेल और पत्राचार के माध्यम से लगातार समन्वय स्थापित किया। आवश्यक दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद रकम वापस कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

इसके परिणामस्वरूप 39,999.98 रुपये पीड़ित के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। पुलिस के अनुसार, यह रकम साइबर ठगी में गई कुल धनराशि का एक हिस्सा है। पीड़ित के साथ कुल 99,998.90 रुपये की ठगी की गई थी।

रकम वापस मिलने पर जितेन्द्र कुमार सिंह ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और साइबर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। ऐसे मामलों में शिकायत के बाद जल्द कार्रवाई होने से ठगी की रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

सोनभद्र पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर शुधीर सिंह के पर्यवेक्षण में मामले की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक पन्नूगंज निवास पाण्डेय के नेतृत्व में साइबर टीम ने शिकायत पर आवश्यक कदम उठाए।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक निवास पाण्डेय और कांस्टेबल सूर्या सिंह शामिल रहे। टीम ने शिकायत मिलने के बाद बैंकिंग लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाई और संबंधित बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ित की रकम वापस कराने में भूमिका निभाई।

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील

सोनभद्र पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या, पासवर्ड, ओटीपी, सीवीवी और एटीएम से संबंधित जानकारी साझा न करें।

इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की सलाह दी गई है। बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन आने पर भी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

आज के समय में डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके भी बदल रहे हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो उसे बिना देरी किए पुलिस या संबंधित साइबर अपराध व्यवस्था में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

शिकायत में देरी न करने की सलाह

साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ठगी की रकम जितनी जल्दी संबंधित बैंकिंग चैनल में रोकी जा सके, उतनी ही उसके वापस मिलने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाए, तो उसे तुरंत बैंक को सूचित करने के साथ पुलिस अथवा साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था में इसकी जानकारी देनी चाहिए।

सोनभद्र के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई के बाद 39,999.98 रुपये वापस कराए गए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें और अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

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