दिव्यांग बच्चों की मुस्कान से रोशन हुई किरण सोसाइटी की दीपावली, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय
वाराणसी: दीपावली केवल दीपों और रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, अपनत्व, समानता, खुशियों और आपसी सौहार्द का संदेश भी देता है। इसी भावना को साकार करते हुए किरण परिवार की ओर से 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को किरण सोसाइटी परिसर में दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों और खिलखिलाते चेहरों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रिगेडियर उमेश अर्जुन परब (कमांडेंट एवं चीफ इंस्ट्रक्टर, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, वाराणसी) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किरण परिवार के सदस्यों, विभाग प्रमुखों, प्रशिक्षकों और अन्य गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की। सभी ने बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं और उनके उत्साह को बढ़ाया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ दीपावली समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर उमेश अर्जुन परब, संगीता बहन जी तथा सभी विभाग प्रमुखों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीपों की रोशनी के साथ समारोह का माहौल सकारात्मक ऊर्जा और उल्लास से भर उठा। इसके बाद बच्चों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन विजय लक्ष्मी जी ने किया। वहीं, राजेंद्र सर ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने समारोह के उद्देश्य और बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
दीपावली समारोह का सबसे खास आकर्षण दिव्यांग बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने अपनी कला, प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ सराहा।
शिक्षा विभाग के बच्चों ने समावेशी नृत्य और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। यदि बच्चों को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे अपनी क्षमता से हर मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
इसी क्रम में एचआरटीसी विभाग की ओर से भगवान श्रीराम और केवट के बीच प्रेम, समर्पण और संवाद पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। इस नाटिका के माध्यम से भगवान श्रीराम और केवट के प्रसंग को भावपूर्ण ढंग से मंच पर उतारा गया। प्रस्तुति ने दर्शकों को आपसी प्रेम, सेवा और समानता का संदेश दिया।
वहीं, आजीविका विभाग के प्रशिक्षुओं ने नृत्य प्रस्तुति देकर समारोह में उत्साह और उमंग के रंग भर दिए। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्षिप्त रामायण की प्रस्तुति दी गई। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
इस प्रकार अलग-अलग विभागों की प्रस्तुतियों ने समारोह को विविधता और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। खास बात यह रही कि बच्चों और प्रशिक्षुओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह
समारोह के दौरान संगीता बहन जी ने आशीर्वचन प्रदान किए। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनके जीवन में खुशियों, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर उमेश अर्जुन परब ने प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही उपस्थित लोगों को भी बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और प्रोत्साहन का भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में एच.पी. गिरी सर ने सभी अतिथियों, आयोजकों, विभागीय सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
समान अवसर और सम्मान का संदेश देता है किरण परिवार का प्रयास
किरण परिवार की ओर से आयोजित यह दीपावली समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशिता और समान अवसरों की भावना को मजबूत करने का प्रयास भी रहा। संस्था का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।
दरअसल, प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत केवल इतनी है कि उसे पहचानने, निखारने और प्रोत्साहित करने के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। दिव्यांग बच्चे भी अपनी कला, रचनात्मकता, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर समाज में विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।
इसके लिए परिवार, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और समाज के अन्य सदस्यों की सकारात्मक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब बच्चों को अपनापन, सम्मान और समान अवसर मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
किरण परिवार का प्रयास भी इसी दिशा में है कि खुशियों का प्रकाश हर चेहरे तक पहुंचे और कोई भी बच्चा त्योहार की उमंग से वंचित न रहे। समारोह में बच्चों की खिलखिलाहट, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दीपों की जगमगाहट ने इस संदेश को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर संस्था की निदेशिका श्रीमती निधि, मुख्य प्रशासक श्री सतीश, विभागाध्यक्ष श्री राजेन्द्र नाथ राय, एच.पी. गिरी, लिपिका, खिरोद बिहारी शाहू, मधुसूदन, नवीन, सुनील सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सभी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस तरह किरण सोसाइटी में मनाई गई दीपावली बच्चों के लिए खुशियां, प्रोत्साहन और यादगार अनुभव लेकर आई। साथ ही समारोह ने यह संदेश भी दिया कि त्योहारों की असली रोशनी तभी सार्थक होती है, जब उसकी चमक समाज के हर वर्ग और हर चेहरे तक पहुंचे।

