कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में लगी आग, तेल टैंक में धमाके के बाद दो मजदूरों की हुई मौत – पढ़िए कैसे मची अफरा-तफरी

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सोमवार शाम टायर से तेल बनाने वाली फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। गजनेर थाना क्षेत्र के जरिहा गांव के पास स्थित ओम जेवीआरडी फैक्ट्री में तेल के टैंक में अचानक आग लग गई। इसके बाद टैंक में तेज धमाका हुआ और आग तेजी से फैल गई। हादसे में टैंक के पास काम कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया। करीब कुछ समय की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया गया। वहीं, हादसे की सूचना मिलने के बाद कानपुर देहात की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

तेल के टैंक में आग लगने के बाद हुआ धमाका

मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच जरिहा गांव के पास स्थित ओम जेवीआरडी फैक्ट्री में काम चल रहा था। इसी दौरान फैक्ट्री के तेल भंडारण टैंक के आसपास श्रमिक मौजूद थे। तभी अचानक आग लग गई।

देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और टैंक में धमाके की स्थिति बन गई। आग की चपेट में आने से टैंक के ऊपर काम कर रहे दो मजदूर नीचे गिर गए। अधिकारियों के अनुसार, दोनों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में दोनों मृतकों की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी पहचान कराने के प्रयास में जुटी है।

बताया गया कि फैक्ट्री में पुराने टायरों से तेल तैयार किया जाता है। ऐसे में परिसर में तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलने की स्थिति बनी। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

आग की सूचना पर पहुंचीं दमकल की कई गाड़ियां

फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद माती समेत आसपास के फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग को नियंत्रित करने के साथ-साथ आसपास मौजूद टैंकों को भी सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। इस दौरान पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

आग बुझने के बाद फैक्ट्री परिसर की जांच की गई। इसके बाद पुलिस और दमकल टीम ने यह भी देखा कि कहीं कोई अन्य कर्मचारी परिसर में फंसा तो नहीं है। शुरुआती तौर पर दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।

हादसे के समय कई मजदूर कर रहे थे काम

घटना के समय फैक्ट्री में कई मजदूरों के काम करने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ श्रमिक और टैंकर चालक सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। हालांकि, शुरुआती समय में यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि हादसे के वक्त फैक्ट्री में कुल कितने कर्मचारी मौजूद थे।

इसी वजह से पुलिस और दमकल टीम ने फैक्ट्री परिसर में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने टैंक और उसके आसपास के हिस्से का निरीक्षण किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तलाशी के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई।

इसके साथ ही, पुलिस ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने मौके का लिया जायजा

हादसे की सूचना के बाद कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय भी मौके पर पहुंचीं। उनके साथ अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के अनुसार, घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और टैंक में धमाका कैसे हुआ।

वहीं, घटना से जुड़े सुरक्षा मानकों और फैक्ट्री में उपलब्ध अग्निशमन व्यवस्था की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

आग लगने के कारण की जांच जारी

फिलहाल पुलिस ने आग लगने के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अलग-अलग रिपोर्टों में आग लगने की परिस्थितियों को लेकर अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस फैक्ट्री में मौजूद उपकरणों, तेल टैंक और घटना के समय चल रहे काम की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा, फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की भी पड़ताल की जा सकती है।

इस हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद उनके परिवारों तक घटना की जानकारी पहुंचाने और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी पुलिस की प्राथमिकता में है।

फिलहाल जरिहा गांव स्थित ओम जेवीआरडी फैक्ट्री में हुए हादसे की जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने की मुख्य वजह क्या थी और फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था के स्तर पर कोई कमी थी या नहीं।

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