UP Jobs: CM योगी ने 818 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- गिनते जाइए, हम नौकरियां देते जाएंगे
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने चयनित युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा, आयुष, कौशल विकास और उद्योग विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। मुख्यमंत्री ने स्वयं 21 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 20 सितंबर को करीब एक हजार और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
अखिलेश यादव के तंज पर सीएम योगी का जवाब
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के सरकार के दावे पर सवाल उठाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि “आप गिनते जाइए, हम नौकरियां देते जाएंगे।” योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग पहले नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाते थे, वे अब सरकार की ओर से लगातार हो रही भर्तियों की संख्या गिन सकते हैं।
दरअसल, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेरोजगारी और सरकार के एक लाख युवाओं को नौकरी देने के दावे को लेकर सवाल उठाया था। इसी के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है और आने वाले महीनों में बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने वाले हैं।
अब तक साढ़े नौ लाख नियुक्ति पत्र देने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोगों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखकर निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग विभागों में आने वाली भर्तियों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं और इसके लिए मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, होमगार्ड के लगभग 42 हजार पदों के लिए परीक्षा आयोजित हो चुकी है।
UPPSC और UPSSSC से भी रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC के माध्यम से अगले छह महीने के भीतर करीब 25 से 30 हजार युवाओं को नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से अगले तीन से चार महीनों में करीब 20 से 25 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सामने आने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी UPPSC की परीक्षाओं का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक आयोग के माध्यम से करीब 15 से 16 हजार पदों के लिए हुई परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
इस तरह मुख्यमंत्री ने विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा।
पूर्व की सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्ती बोर्डों और आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते थे और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर युवाओं में विश्वास की कमी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान भर्ती प्रक्रिया को कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव और भाई-भतीजावाद से जोड़कर देखा जाता था। उन्होंने कहा कि उस दौर में युवाओं के सामने रोजगार के साथ-साथ पहचान का भी संकट था।
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार उनकी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया है।
यूपी को देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान मिलने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश के युवाओं की क्षमता को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अवसर के रूप में देखा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पिछले कई वर्षों से राजस्व अधिशेष राज्य बना हुआ है और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपने ही राज्य में शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें।
छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के संबोधन का प्रमुख केंद्र अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न भर्ती आयोगों और विभागों में चल रही प्रक्रियाओं के परिणाम आने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने भर्ती बोर्डों और आयोगों से निष्पक्षता के साथ काम करने की अपेक्षा जताई।
कुल मिलाकर, लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ प्रदेश में सरकारी भर्तियों और रोजगार को लेकर सरकार की आगामी रणनीति सामने आई। मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताया, वहीं आने वाले महीनों में विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में नियुक्तियों की जानकारी भी साझा की।

