पाकिस्तान के कोहाट में आतंकी हमला: 31 की मौत, सुरक्षा बलों का ऑपरेशन पूरा

WhatsApp Image 2026-09-19 at 3.35.32 PM

Digital UP News Desk

कोहाट: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में पुलिस परिसर को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ सुरक्षा अभियान समाप्त हो गया है। शुक्रवार को हुए इस हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 31 हो गई है, जबकि 100 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 21 बताई गई थी, लेकिन बाद में पुलिस अधिकारियों ने आंकड़ा बढ़कर 31 होने की पुष्टि की। मृतकों में 16 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

यह हमला कोहाट के ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर में हुआ, जहां पुलिस के अलावा काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD), स्पेशल ब्रांच और अन्य सुरक्षा इकाइयों के कार्यालय मौजूद हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को परिसर में स्थित एक मस्जिद के पास विस्फोट के बाद हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ चली।

विस्फोट के बाद शुरू हुई मुठभेड़

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले की शुरुआत विस्फोटक से लदे वाहन के पुलिस परिसर के प्रवेश क्षेत्र से टकराने के बाद हुई। इसके बाद कई हमलावर परिसर के अंदर दाखिल हो गए और उन्होंने अलग-अलग सुरक्षा प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू की।

हमलावरों में से कुछ स्पेशल ब्रांच की इमारत में पहुंच गए थे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इमारत को घेर लिया और वहां छिपे आतंकियों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया। रिपोर्टों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड भी फेंके। अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस और CTD अधिकारियों ने की।

करीब 20 घंटे चला सुरक्षा अभियान

हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे पुलिस परिसर की घेराबंदी कर दी थी। अधिकारियों का उद्देश्य परिसर में मौजूद आतंकियों को निष्क्रिय करने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकालना था। इस दौरान कई घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20 घंटे चले गतिरोध के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान पूरा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हमले में शामिल आठ आतंकियों को मार गिराया गया। इनमें आत्मघाती हमलावर भी शामिल था। हालांकि, अभियान के बाद सामने आए अलग-अलग आधिकारिक आंकड़ों में कुछ अंतर भी देखा गया है।

स्पेशल ब्रांच की इमारत में छिपे थे आतंकी

हमले के बाद सबसे बड़ी चुनौती उन आतंकियों को लेकर थी, जो पुलिस परिसर के भीतर एक इमारत में छिपे हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ हमलावर स्पेशल ब्रांच सेक्शन तक पहुंच गए थे। सुरक्षा बलों ने इमारत को चारों तरफ से घेरकर तलाशी और कार्रवाई शुरू की।

इसके बाद सुरक्षा बलों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों को एक-एक करके सुरक्षित किया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, स्पेशल ब्रांच की इमारत में मौजूद आतंकियों को भी कार्रवाई के दौरान मार गिराया गया और पूरे परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया।

मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई

हमले के शुरुआती घंटों में स्थानीय अधिकारियों ने 21 लोगों की मौत की जानकारी दी थी। उस समय 100 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 31 होने की पुष्टि की। इनमें 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। घायलों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है।

घायलों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया। हमले के बाद अस्पतालों में आपात व्यवस्था भी सक्रिय की गई थी। अधिकारियों ने घायलों की स्थिति और मृतकों की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम भी शुरू किया।

खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी सुरक्षा चुनौती

कोहाट का यह इलाका पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आता है। यह क्षेत्र अफगानिस्तान की सीमा के करीब है और पिछले कुछ समय से आतंकवादी गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पाकिस्तान के अधिकारियों ने अतीत में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़े आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्कों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। ऐसे में कोहाट की घटना का असर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच पहले से मौजूद सुरक्षा तनाव पर भी पड़ सकता है।

हमले की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट

कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान से जुड़े एक धड़े द्वारा लिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, ऐसे दावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में विवरण अलग हैं। इसलिए हमले की जिम्मेदारी और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क के बारे में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल सुरक्षा बलों ने पुलिस परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटा रही हैं। साथ ही, अधिकारियों की ओर से हमले में शामिल लोगों और उनके नेटवर्क की पहचान करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

कोहाट की घटना में शुरुआती तौर पर सामने आए 21 मौतों के आंकड़े के बढ़कर 31 होने से हमले की गंभीरता और स्पष्ट हुई है। हालांकि सुरक्षा अभियान पूरा हो चुका है, लेकिन घटना से जुड़े जांच और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर आने वाले समय में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

You may have missed