कानपुर नगर निगम का बजट हुआ खाली: समाजसेवी की IGRS पर लिखित दिया जवाब – पढ़िए पूरी खबर
रिपोर्ट – विकास चौहान
कानपुर: मानसून की शुरुआती बारिश ने ही कानपुर के कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवास विकास योजना-2 के अंतर्गत आने वाले हंसपुरम वार्ड-41, जोन-3सी सेक्टर में हल्की बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होने पर भी पूरी सड़क और गलियां पानी से भर जाती हैं, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने नगर निगम से सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की मांग की है।
हल्की बारिश में ही सड़कें बनीं जलमग्न
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती बारिश ने ही जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। बारिश का पानी सड़कों पर लंबे समय तक जमा रहने से पूरा मोहल्ला तालाब जैसा दिखाई देता है।
लोगों का कहना है कि सड़क पर जलभराव के कारण पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी सावधानी के साथ निकलना पड़ता है। कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों में अंतर समझ पाना कठिन हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जलभराव का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि बुजुर्गों के लिए फिसलन भरी सड़क पर चलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
इसके अलावा घरेलू कामकाज के लिए आने-जाने वाली महिलाओं को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार जलभराव के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते हैं।
फेरी वालों और आवश्यक सेवाओं पर भी असर
निवासियों ने बताया कि जब क्षेत्र में पानी भर जाता है तो फल, सब्जी और अन्य सामान बेचने वाले फेरी वाले भी इस इलाके में आने से बचते हैं। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ता है।
साथ ही, यदि किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य आवश्यक सेवाओं की जरूरत पड़े तो जलभराव के कारण पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए क्षेत्र के लोग इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी हो रही दिक्कत
हंसपुरम क्षेत्र में स्थित भोले बाबा के मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर के आसपास सड़क पर पानी जमा होने से श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
निवासियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों तक जाने वाले मार्गों को विशेष प्राथमिकता के साथ दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय निवासी ने रखी अपनी बात
क्षेत्र के निवासी अनुज त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विभिन्न स्तरों पर कई बार शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
उन्होंने कहा कि समस्या केवल एक-दो दिनों की नहीं है, बल्कि हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यदि समय रहते आवश्यक कार्य कर दिए जाएं तो लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सकती है।
आईजीआरएस पोर्टल पर भी की गई शिकायत
अनुज त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, शिकायत के जवाब में यह जानकारी दी गई कि वर्तमान समय में संबंधित कार्य के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बजट की उपलब्धता के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, तो संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
शहरी विकास से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में केवल सड़क निर्माण पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसके साथ प्रभावी जल निकासी प्रणाली का होना भी उतना ही आवश्यक है।
यदि नालियों की समय पर सफाई, वर्षा जल निकासी की उचित योजना और नियमित रखरखाव किया जाए, तो अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा, बरसात शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण भी उपयोगी साबित हो सकता है।
नागरिकों ने समाधान की उठाई मांग
हंसपुरम के निवासियों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से मांग की है कि क्षेत्र का निरीक्षण कर जलभराव के कारणों का तकनीकी अध्ययन कराया जाए। इसके बाद सड़क निर्माण, नालियों की मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएं, तो आने वाले दिनों में मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नगर निगम की भूमिका पर लोगों की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम शहर में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य करता है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि हंसपुरम क्षेत्र की इस समस्या पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और आवश्यक बजट उपलब्ध कराकर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
नागरिकों ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर इस समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जा सकता है।
हंसपुरम वार्ड-41 में हल्की बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की समस्या स्थानीय निवासियों के लिए लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। सड़क पर पानी भरने से आवागमन, दैनिक जीवन, धार्मिक गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने विभिन्न माध्यमों से अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाई है और अब वे स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

