कानपुर में लगी “सुरक्षा की पाठशाला”: बर्रा के कर्मयोगी इंटर कॉलेज में छात्राओं को बताए सुरक्षा के उपाय
Digital UP News
कानपुर: महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में कानपुर कमिश्नरेट के थाना बर्रा पुलिस की ओर से कानपुर कर्मयोगी इंटर कॉलेज, बर्रा में मिशन शक्ति अभियान के तहत “सुरक्षा की पाठशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों, सावधानियों और सहायता के उपलब्ध माध्यमों के बारे में सरल भाषा में जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें यह समझाया गया कि किसी भी असहज या परेशानी वाली स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी और सतर्कता के साथ तत्काल सहायता लेनी चाहिए। पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तार से बताया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय रहते संबंधित विभाग से संपर्क कर सकें।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर जोर
“सुरक्षा की पाठशाला” के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को बताया कि सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों, यात्रा के दौरान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सजग रहना जरूरी है। इसके साथ ही छात्राओं को यह जानकारी दी गई कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने, अशोभनीय टिप्पणी, धमकी, साइबर अपराध या घरेलू हिंसा जैसी स्थिति सामने आने पर चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए।
पुलिस ने छात्राओं को समझाया कि परेशानी की स्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें। इसके अलावा, परिवार के भरोसेमंद सदस्य, शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को भी जानकारी देना उपयोगी हो सकता है।
गुड टच और बैड टच की दी जानकारी
कार्यक्रम में बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने सरल तरीके से समझाया कि बच्चों और किशोरियों को अपने शरीर से जुड़े व्यक्तिगत अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यदि कोई व्यवहार उन्हें असहज महसूस कराता है, तो उसके बारे में किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताने में संकोच नहीं करना चाहिए।
इसके साथ ही सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार के बीच अंतर समझाते हुए छात्राओं को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं और सुरक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सही समय पर जानकारी साझा करना सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी चर्चा
आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया और इंटरनेट बच्चों तथा युवाओं की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में “सुरक्षा की पाठशाला” में साइबर सुरक्षा को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करने की सलाह दी।
उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा पासवर्ड, ओटीपी, बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक या संदेश पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना भी जरूरी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने की स्थिति में देरी किए बिना शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। समय पर सूचना देने से संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
घरेलू हिंसा और अन्य समस्याओं पर भी जागरूकता
कार्यक्रम में महिलाओं को घरेलू हिंसा और अन्य परेशानियों के संबंध में उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि महिलाओं को किसी भी समस्या को लेकर अकेले संघर्ष करने की जरूरत नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन की मदद ली जा सकती है।
इसके अलावा छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होना भी जरूरी है। जागरूक नागरिक ही किसी समस्या की स्थिति में उचित कदम उठा सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
इन हेल्पलाइन नंबरों को जरूर रखें याद
“सुरक्षा की पाठशाला” के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं, बालिकाओं और छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इनमें 112 आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए, 1090 महिला पावर लाइन के लिए, 181 महिला हेल्पलाइन के लिए और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए बताया गया।
वहीं, साइबर अपराध अथवा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायत के लिए 1930 नंबर की जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से इन नंबरों को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता लेने की अपील की।
जागरूकता से मजबूत होगा सुरक्षा का वातावरण
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने छात्र-छात्राओं तक सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाने का प्रयास किया। “सुरक्षा की पाठशाला” जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास तथा जागरूकता बढ़ाना भी है।
कुल मिलाकर, बर्रा स्थित कर्मयोगी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और महिला सहायता सेवाओं के बारे में उपयोगी जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में समय रहते सहायता लेने की अपील की।

