कानपुर में छात्रवृत्ति आवेदनों पर डीएम सख्त, दो दिन में सत्यापन के निर्देश; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
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कानपुर: आर्थिक अभाव के कारण किसी पात्र छात्र-छात्रा की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कानपुर जिला प्रशासन ने छात्रवृत्ति आवेदनों की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में पूर्वदशम् यानी कक्षा 9-10 और दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की वर्चुअल समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को छात्रवृत्ति आवेदन निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने और लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों की शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहायता है। इसलिए संस्थान स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय या कॉलेज की लापरवाही से पात्र छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति रुकती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य या प्राचार्य की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
5,967 और 4,266 आवेदन संस्थानों के स्तर पर लंबित
समीक्षा बैठक के दौरान छात्रवृत्ति आवेदनों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। इसमें कक्षा 9-10 के 5,967 आवेदन और कक्षा 11-12 के 4,266 आवेदन शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर प्रक्रिया में पाए गए।
जिलाधिकारी ने इन सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जांचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थान अगले दो दिनों के भीतर लंबित आवेदनों का सत्यापन पूरा करके उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए अग्रसारित करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय पर संबंधित स्तर तक पहुंचें और किसी भी छात्र को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
दरअसल, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत आवेदन, सत्यापन और अग्रसारण की प्रक्रिया कई स्तरों से होकर गुजरती है। ऐसे में संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने से आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इसी कारण जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने पर जोर दिया।
40 संस्थानों का मास्टर डाटा अभी अपडेट नहीं
दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण स्थिति सामने आई। जिले के 40 शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को निर्देश दिया कि मास्टर डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया 26 सितंबर तक हर हाल में पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया में मास्टर डाटा की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए इसे लंबित रखना उचित नहीं है।
इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों के मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए ऐसे विद्यार्थियों के आवेदन 28 सितंबर तक अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
अधिक आवेदन लंबित रखने वाले स्कूलों की भी समीक्षा
बैठक में उन विद्यालयों की स्थिति भी देखी गई, जहां कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 के अपेक्षाकृत अधिक छात्रवृत्ति आवेदन लंबित पाए गए। इनमें जनसेवा इंटर कॉलेज प्रेमपुर, पं. गुरु प्रसाद गया प्रसाद इंटर कॉलेज, चौ. अयोध्या प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, यूनाइटेड एजूकेशन बिल्हौर, आयशा सिद्धिकी और हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने इन संस्थानों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों के आवेदन पूरे हो सकें।
लापरवाही पर तय होगी प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी छात्रवृत्ति प्रक्रिया में संस्थानों की जिम्मेदारी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति संबंधी कार्य में लापरवाही अथवा किसी पात्र छात्र-छात्रा के योजना के लाभ से वंचित रहने की स्थिति में संबंधित प्राचार्य या प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे कॉलेजों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए, जहां पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष छात्रवृत्ति के आवेदन कम कराए गए हैं। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इससे साफ है कि प्रशासन अब केवल लंबित आवेदनों के निस्तारण पर ही नहीं, बल्कि संस्थानों द्वारा पात्र विद्यार्थियों के आवेदन कराने की स्थिति पर भी नजर रखेगा।
छात्रवृत्ति प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता उपलब्ध कराना है। इसलिए किसी पात्र बच्चे को केवल आवेदन प्रक्रिया में देरी या संस्थान स्तर की लापरवाही के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने विद्यालयों और कॉलेजों से कहा कि वे छात्रवृत्ति आवेदनों को सामान्य प्रशासनिक कार्य न मानकर प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। साथ ही, विद्यार्थियों के दस्तावेज, आवेदन और सत्यापन से संबंधित प्रक्रिया को समय से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कानपुर में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में चल रही है। जिला समाज कल्याण विभाग भी छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ा है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
वर्चुअल समीक्षा बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने छात्रवृत्ति आवेदनों की स्थिति, मास्टर डाटा और लंबित प्रकरणों की जानकारी जिलाधिकारी के सामने रखी। इसके बाद जिलाधिकारी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद अब शैक्षणिक संस्थानों के सामने लंबित आवेदनों के सत्यापन और अग्रसारण की प्रक्रिया समय से पूरी करने की जिम्मेदारी है। वहीं, पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की नजर भी इस बात पर रहेगी कि आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़े और छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिल सके।

