यूपीआई भुगतान पर MDR शुल्क के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, अमरोहा में कई जगह रोके गए कार्यकर्ता
रिपोर्ट – इकबाल अंसारी
अमरोहा: 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में शुक्रवार को अमरोहा जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमकार सिंह कटारिया के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भाजपा जनप्रतिनिधियों के आवास पर ज्ञापन देने के लिए निकले। इस दौरान हसनपुर, गजरौला और अमरोहा में पुलिस प्रशासन की ओर से कार्यकर्ताओं को रोके जाने की बात कांग्रेस नेताओं ने कही।
कांग्रेस ने MDR व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए और इसे वापस लेने की मांग की। वहीं, मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर निर्धारित है, जबकि सरकार ने कहा है कि ग्राहकों से सीधे UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा।
हसनपुर जाते समय सैदनगली में रोके जाने का आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के तहत कार्यकर्ता हसनपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सैदनगली क्षेत्र में पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर अपनी मांग प्रशासन और भाजपा जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना था। कार्यकर्ताओं को रोके जाने के बाद उन्होंने मौके पर ही ज्ञापन देने का निर्णय लिया।
गजरौला में आवास पर ही रोके गए कार्यकर्ता
इसी क्रम में गजरौला में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने MDR के विरोध में ज्ञापन देने का प्रयास किया। कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी कुंवर आसिम हुसैन साबरी समेत कई कार्यकर्ताओं को उनके आवास पर ही रोक दिए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं से अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि UPI से जुड़े शुल्क के मुद्दे पर व्यापारियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
अमरोहा में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर दिया ज्ञापन
अमरोहा शहर में जिला कांग्रेस महासचिव राजकुमार अरुण के नेतृत्व में कार्यकर्ता आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। कांग्रेस के अनुसार, उन्हें भी आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने 2,000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट भुगतान पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था को वापस लेने की मांग रखी। पार्टी नेताओं का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब मर्चेंट लेनदेन पर शुल्क की व्यवस्था से व्यापारियों के बीच चिंता पैदा हुई है।
हालांकि, केंद्र की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार MDR सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स नहीं है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और 2,000 रुपये तक के भुगतान भी निर्धारित श्रेणियों में निशुल्क रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M UPI लेनदेन इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की शुल्क वापस लेने की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह कटारिया ने MDR शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार अपनी बात रखेगी और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक ज्ञापन पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से 19 सितंबर को भाजपा सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर के आवास पर भी ज्ञापन देने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। पार्टी का कहना है कि इस माध्यम से UPI भुगतान से जुड़े शुल्क को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
क्या है UPI MDR का नया प्रावधान?
दरअसल, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 2,000 रुपये से अधिक के निर्दिष्ट मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR तय किया है। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। सामान्य तौर पर MDR वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी पक्ष से भुगतान प्रक्रिया से जुड़े संस्थानों को दिया जाता है।
इस व्यवस्था में कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क प्रावधान भी किए गए हैं। साथ ही, छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित शर्तों के तहत छूट का प्रावधान है। इसके अलावा, 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है।
सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि MDR का शुल्क सीधे ग्राहकों पर न डाला जाए। दूसरी ओर, कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी हाल में MDR को लेकर आपत्ति जताई थी।
अमरोहा में आगे भी जारी रहेगा विरोध
अमरोहा में शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर ज्ञापन देकर अपनी मांग दर्ज कराई। पार्टी नेताओं के अनुसार, 19 सितंबर को भाजपा सांसद के आवास पर ज्ञापन देने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। ऐसे में UPI MDR का मुद्दा अमरोहा में कांग्रेस के स्थानीय विरोध प्रदर्शनों में आगे भी प्रमुखता से उठाया जा सकता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में कांग्रेस शुल्क वापस लेने की मांग कर रही है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से MDR को UPI इकोसिस्टम की लागत और स्थिरता से जोड़कर समझाया गया है। इसलिए अमरोहा में शुक्रवार को हुआ प्रदर्शन इस राष्ट्रीय स्तर पर चल रही UPI शुल्क बहस की स्थानीय कड़ी के रूप में सामने आया है।

