कानपुर में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर ABVP का आयोजन, स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कानपुर उत्तर इकाई द्वारा राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, जवाहर नगर में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, राष्ट्र निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला प्रमुख बृजेंद्र अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

यह आयोजन परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसे देशभर में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, परिषद के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

विद्यार्थी राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव हैं

मुख्य अतिथि बृजेंद्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसके विद्यार्थी होते हैं। वर्तमान में जो छात्र विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वही भविष्य में समाज, प्रशासन, विज्ञान, शिक्षा, उद्योग और राष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि यह कहा जाए कि “कक्षाओं में ही राष्ट्र का भविष्य तैयार होता है”, तो यह बिल्कुल उचित है। इसलिए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और अनुशासन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

योजनाबद्ध परिश्रम से ही मिलती है सफलता

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। इसके बाद नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर मेहनत के माध्यम से उस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। योजनाबद्ध तरीके से किया गया परिश्रम ही व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ाता है। साथ ही उन्होंने समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच को भी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

स्वामी विवेकानंद के विचारों से मिली प्रेरणा

कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बृजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चिंतन को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश “उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत” को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह संदेश हमें निरंतर आगे बढ़ने, सीखने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है।

शिक्षा के साथ संस्कार भी हैं आवश्यक

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और संवैधानिक दायित्वों की भी जानकारी होना आवश्यक है। इससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।

वर्तमान चुनौतियों का सकारात्मक समाधान जरूरी

मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को निराश होने के बजाय अपनी क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि छात्र अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो वे हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकेंगे।

राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस का महत्व

राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक सोच का विकास करना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराया जाता है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

विद्यालय परिवार ने किया स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। विद्यालय की उपप्रधानाचार्या आकांक्षा जौहरी एवं शिवानी सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरणादायक मार्गदर्शन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की नई दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का हुआ सफल संचालन

कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर सह मंत्री (गांधीनगर), यश दुबे ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का संचालन करते हुए राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उद्देश्य और विद्यार्थी परिषद की भूमिका पर प्रकाश डाला।

बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी रहे उपस्थित

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक एवं परिषद के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से शिखा शुक्ला, निधि गुप्ता, प्रतिभा चौहान, अक्षत शुक्ला, अर्जुन यादव, ऋतिक शुक्ला, सोनी सिंह, शुभम पाण्डेय सहित विद्यालय परिवार के अन्य शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और वक्ताओं के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

व्यक्तित्व निर्माण पर दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि विद्यार्थी जीवन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह वह समय है जब व्यक्ति अपने चरित्र, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक दृष्टिकोण और जीवन मूल्यों का निर्माण करता है।

वक्ताओं ने कहा कि यदि विद्यार्थी अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।

कानपुर में आयोजित राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रसेवा और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण संदेश दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेते हुए छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज व राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच प्रेरणा, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभावी संदेश प्रसारित किया।

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