मेरठ मोदीपुरम एसटीपी में क्लोरीन गैस रिसाव, लोगों में मचा हड़कंप; कई लोगों की तबीयत बिगड़ी

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Digital UP News Desk

मेरठ: मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब फेस-2 के एन पॉकेट स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना सामने आई। गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई। एहतियात के तौर पर कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं, जबकि कुछ लोग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरों से बाहर निकल आए।

घटना की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई। पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। लोगों से कहा गया कि वे अनावश्यक रूप से गैस रिसाव वाले क्षेत्र की ओर न जाएं और घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें। इसके अलावा, जो परिजन उस समय घर से बाहर थे, उन्हें तत्काल घर लौटने की सूचना देने की अपील की गई।

एसटीपी में क्लोरीन गैस रिसाव की सूचना से बढ़ी चिंता

मोदीपुरम के फेस-2 स्थित एन पॉकेट के एसटीपी से क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई और रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। स्थानीय स्तर पर लोगों को बताया गया कि गैस का संभावित प्रभाव एसटीपी की परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे तक सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, एहतियात के तौर पर लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।

क्लोरीन गैस का इस्तेमाल कई सीवेज ट्रीटमेंट और जल शोधन संयंत्रों में कीटाणु नियंत्रण के लिए किया जाता है। रिसाव की स्थिति में इसके संपर्क में आने से आंखों, नाक और गले में जलन तथा सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में सावधानी बरतना महत्वपूर्ण माना जाता है।

आसपास के लोगों ने बंद किए दरवाजे और खिड़कियां

गैस रिसाव की खबर जैसे-जैसे आसपास के इलाकों में पहुंची, लोगों ने सुरक्षा के लिए अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं। वहीं, कुछ लोग स्थिति की जानकारी लेने के लिए घरों से बाहर भी निकले। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चिंता थी कि कहीं गैस का प्रभाव आवासीय क्षेत्र तक न पहुंच जाए। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की गई। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को गैस रिसाव वाले क्षेत्र से दूर रखने की सलाह दी गई।

इस दौरान लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही कोई कदम उठाने की सलाह दी गई। स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रही।

कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना

गैस रिसाव के बीच कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना भी सामने आई। स्क्रिप्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों की सटीक संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।

ऐसी स्थिति में गैस के संपर्क में आने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, गले में खराश या अन्य असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक चिंता का माहौल रहा। लोग अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर सतर्क दिखाई दिए।

रिसाव को नियंत्रित करने के लिए शुरू हुई कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद एसटीपी परिसर में मौजूद संबंधित कर्मचारियों की ओर से गैस रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। प्राथमिकता यह रही कि रिसाव को जल्द से जल्द रोका जाए और गैस के संभावित प्रभाव को सीमित रखा जा सके। इसके साथ ही आसपास के लोगों को भी एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया। स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी गई कि वे बिना आवश्यकता एसटीपी के आसपास न जाएं। वहीं, घर के अंदर मौजूद लोगों को दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के लिए कहा गया।

प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से ऐसी घटनाओं में सबसे पहले रिसाव के स्रोत की पहचान कर उसे नियंत्रित करने तथा आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। मंगलवार रात भी इसी दिशा में कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई।

50 मीटर के दायरे में प्रभाव रहने की संभावना

स्थानीय स्तर पर जारी जानकारी के अनुसार, क्लोरीन गैस का प्रभाव एसटीपी की परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे तक सीमित रहने की संभावना जताई गई। इसके बावजूद आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी गैस रिसाव की स्थिति में प्रभावित स्थान से दूरी बनाए रखना प्राथमिक सावधानी होती है। इसके अलावा, बिना जानकारी के रिसाव वाली जगह पर जाकर स्थिति देखने की कोशिश करना जोखिम बढ़ा सकता है।

इसी वजह से स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि वे भीड़ न लगाएं और बचाव या नियंत्रण कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएं।

लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील

घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि लोग घबराएं नहीं और सावधानी बरतें। एसोसिएशन की ओर से लोगों को सलाह दी गई कि वे अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें तथा बाहर मौजूद परिवार के सदस्यों को घर वापस बुला लें।

इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थान पर रखने की बात कही गई। यदि किसी व्यक्ति को गैस के कारण असहजता महसूस होती है, तो उसे प्रभावित क्षेत्र से दूर जाकर चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।

इस बीच, क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास जारी रहे। तत्काल तौर पर किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई थी।

स्थानीय लोगों में देर रात तक बनी रही चिंता

एसटीपी से गैस रिसाव की सूचना के बाद स्थानीय लोगों में देर रात तक चिंता बनी रही। हालांकि, रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू होने और गैस के प्रभाव को सीमित क्षेत्र में रहने की संभावना की जानकारी मिलने के बाद स्थिति को लेकर लोगों ने राहत की उम्मीद जताई।

घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अहमियत को सामने ला दिया है। ऐसे स्थानों पर गैस के भंडारण, निगरानी और रिसाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल, इस घटना में गैस रिसाव का सटीक कारण क्या था और अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों की संख्या कितनी है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। संबंधित विभाग की जांच और आगे की जानकारी के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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