मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक रोकने की मुहिम जारी, रामसराय भांकरी में कैद हुआ तेंदुआ, 15वां ट्रैप सफल रहा
रिपोर्ट-मो अरशद
मुरादाबाद: तहसील कांठ क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की ओर से चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार, 16 सितंबर 2026 को ग्राम रामसराय भांकरी में लगाए गए ट्रैप पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के पिंजरे में फंसने की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की प्रक्रिया शुरू की।
वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत तेंदुओं को पकड़ने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैप पिंजरे लगाए जा रहे हैं। रामसराय भांकरी में तेंदुए का पकड़ा जाना इस अभियान का 15वां सफल ट्रैप बताया जा रहा है। लगातार चल रही कार्रवाई के बीच ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
रामसराय भांकरी में ट्रैप पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
बुधवार को रामसराय भांकरी गांव में लगाए गए ट्रैप पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, मौके पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी। हालांकि, वन विभाग की टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का उद्देश्य उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करना है। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। विभाग की प्राथमिकता तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है, ताकि उसे प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल स्थान पर छोड़ा जा सके।
15वां सफल ट्रैप बताया जा रहा
रामसराय भांकरी में तेंदुए के पकड़े जाने को अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह अभियान का 15वां सफल ट्रैप है। इससे पहले भी कांठ तहसील क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तेंदुओं को ट्रैप पिंजरों की मदद से रेस्क्यू किया जा चुका है।
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई तेज की है। इसके तहत उन स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है जहां तेंदुए की मौजूदगी या गतिविधियों की सूचना मिलती है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार ट्रैप पिंजरे लगाए जाते हैं।
लगातार सफल हो रहे ट्रैप से वन विभाग के अभियान को गति मिली है। वहीं, ग्रामीणों के बीच भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग की ओर से सामान्य तौर पर लोगों को तेंदुओं के करीब जाने या उन्हें परेशान करने से बचने की सलाह दी जाती है।
वन विभाग की टीम रख रही निगरानी
रामसराय भांकरी में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग की निगरानी खत्म नहीं हुई है। विभागीय टीम क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भी संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
वन विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि तेंदुओं की मौजूदगी वाले इलाकों में लोगों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहे। इसलिए अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने और वन विभाग की टीम के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा जाता है।
इसके साथ ही, जहां तेंदुए की गतिविधियां सामने आती हैं, वहां परिस्थितियों के अनुसार ट्रैप पिंजरे लगाने और निगरानी बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने में मदद मिलती है।
ग्रामीणों को राहत की उम्मीद
रामसराय भांकरी में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से तेंदुओं की गतिविधियों को लेकर ग्रामीण इलाकों में चिंता बनी हुई थी। ऐसे में लगातार रेस्क्यू अभियान चलने और सफल ट्रैप होने से लोगों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, एक तेंदुआ पकड़े जाने के बाद पूरे क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियां समाप्त हो गई हैं, ऐसा मानना उचित नहीं होगा। वन विभाग भी लगातार निगरानी के जरिए स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि किसी अन्य स्थान से तेंदुए की गतिविधि की सूचना मिलती है, तो वहां भी आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
तेंदुओं की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
वन्यजीवों की गतिविधियों वाले ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। विशेष रूप से खेतों, जंगल से सटे इलाकों और सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचना उपयोगी हो सकता है। वहीं, किसी तेंदुए के दिखाई देने पर भीड़ लगाना, उसके पास जाने की कोशिश करना या उसे घेरना जोखिम बढ़ा सकता है।
इसके बजाय ऐसी स्थिति में वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना अधिक सुरक्षित तरीका है। वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए प्रशिक्षित टीमों की सहायता जरूरी होती है। इसलिए ग्रामीणों से भी अभियान के दौरान सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना
मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में तेंदुओं को रेस्क्यू करने का अभियान फिलहाल जारी है। रामसराय भांकरी में 15वें सफल ट्रैप के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है। आने वाले दिनों में भी तेंदुओं की गतिविधियों के आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल रामसराय भांकरी में पिंजरे में कैद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग की कोशिश है कि तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए।

