मथुराः कोसी में 12 करोड़ की चोरी का 24 घंटे में खुलासा, 7 किलो सोना और 11 लाख कैश के साथ 4 गिरफ्तार
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां में प्रसिद्ध जुगल किशोर ज्वेलर्स के शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, चोरी की इस बड़ी वारदात में दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 7 किलो 126 ग्राम सोना और 11 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में हाल के दिनों की बड़ी सफलताओं में गिना जा रहा है। घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कई टीमों को लगाया गया था। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।
जुगल किशोर ज्वेलर्स में हुई थी बड़ी चोरी
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर की रात कोसीकलां थाना क्षेत्र स्थित जुगल किशोर ज्वेलर्स के शोरूम को चोरों ने निशाना बनाया था। आरोप है कि शातिरों ने छत के रास्ते दुकान में प्रवेश किया और तिजोरी में रखे सोने के आभूषण तथा नकदी लेकर फरार हो गए।
सुबह जब शोरूम खोला गया तो चोरी की जानकारी सामने आई। इसके बाद पूरे सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया। शुरुआती आकलन में चोरी गए माल की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई। इतनी बड़ी वारदात सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के एडीजी, डीआईजी और मथुरा के एसएसपी ने जांच की निगरानी शुरू की। एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस की चार विशेष टीमें गठित की गईं।
इन टीमों ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। सबसे पहले घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की सहायता भी ली गई। वहीं, पुलिस ने कोसीकलां और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, सैकड़ों कैमरों की फुटेज की जांच की गई। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। इसी दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से मिला सुराग
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। दोनों माध्यमों से मिले इनपुट को जोड़ने के बाद पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीमों ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी कोसीकलां क्षेत्र के आसपास मौजूद हो सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने गोपालबाग क्षेत्र में घेराबंदी की।
गोपालबाग में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर गोपालबाग क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें रामनगर, कोसीकलां निवासी मुख्य आरोपी विष्णु उर्फ पप्पू सोनी, उसका भाई मोहन सोनी और दो महिला सहयोगी शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जुगल किशोर ज्वेलर्स में चोरी की वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की। इसी पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर बड़ी मात्रा में सोना और नकदी बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
7 किलो से अधिक सोना और 11 लाख रुपये बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर 7 किलो 126 ग्राम सोना बरामद किया गया है। इसके अलावा 11 लाख रुपये नकद भी पुलिस के हाथ लगे हैं। बरामदगी को चोरी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
इतनी बड़ी मात्रा में सोने की बरामदगी से पुलिस को उम्मीद है कि चोरी की पूरी घटना की कड़ियां जल्द सामने आ सकती हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में और कितने लोग शामिल थे और चोरी के बाद माल को कहां-कहां रखा गया था।
अन्य वारदातों से भी जुड़ सकते हैं तार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से अभी विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी इससे पहले भी किसी चोरी की घटना में शामिल रहे हैं।
पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के दौरान जिले और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसलिए आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस चोरी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। यह भी पता किया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने शोरूम की रेकी की थी या नहीं और चोरी के बाद बरामद माल को कहां ले जाने की योजना थी।
व्यापारियों ने ली राहत की सांस
जुगल किशोर ज्वेलर्स में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के बाद स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल था। खासतौर पर सर्राफा कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में पुलिस द्वारा कम समय में आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में सोने की बरामदगी की जानकारी सामने आने के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मामले की जांच अभी जारी है। बरामदगी के साथ-साथ चोरी में इस्तेमाल किए गए संसाधनों, आरोपियों के संपर्कों और संभावित अन्य सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
इस पूरे मामले में पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती कम समय में आरोपियों तक पहुंचना थी। घटना के तुरंत बाद कई टीमों को सक्रिय किया गया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया।
इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई और अंततः गोपालबाग क्षेत्र में कार्रवाई कर चार आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से चोरी के मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
पत्रकार वार्ता के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक एसके भगत ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। इस अवसर पर डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी श्लोक कुमार और एसपी देहात सुरेश चंद रावत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे

