फर्रुखाबाद में बाइक चोरी गिरोह का खुलासा, तीन मोटरसाइकिल और कटे पुर्जों समेत दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद। कादरीगेट थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मोटरसाइकिल चोरी करने और उनके पुर्जे बेचने वाले कथित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल के कटे हुए पुर्जे, तमंचा, कारतूस, चाकू और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपित चोरी की मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों पर काटकर उनके पुर्जे कबाड़ के रूप में बेचते थे।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े दो आरोपित
पुलिस के मुताबिक, 14/15 सितंबर की रात कादरीगेट थाना क्षेत्र में पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की और जांच के बाद दोनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपितों की पहचान अवनीश कुमार उर्फ आयुष पुत्र वीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम चिरी, थाना बिछवां, जनपद मैनपुरी और मो. कासिम पुत्र सेफुल्लाराय उर्फ सफीकुल्लाह, निवासी खेड़ा, कस्बा शाहाबाद, जनपद हरदोई, हाल निवासी अमेठी कोहना, थाना कादरीगेट, फर्रुखाबाद के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की मोटरसाइकिलें और उनके कटे हुए पुर्जे बरामद किए गए। बरामद सामान की मात्रा देखकर पुलिस ने इसे मोटरसाइकिल चोरी और उनके पुर्जों की बिक्री से जुड़े नेटवर्क के रूप में जांचना शुरू किया।
तीन चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी संख्या में पुर्जे बरामद
पुलिस कार्रवाई में तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे पुर्जे मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों से संबंधित बताया है।
बरामद सामान में 12 मोटरसाइकिल चेसिस, 11 शॉकर रॉड, छह शॉकर, 12 साइलेंसर और 26 मोटरसाइकिल की रिम शामिल हैं। इसके अलावा टायर, पेट्रोल टंकी, नंबर प्लेट और अन्य मोटरसाइकिल के पुर्जे भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग पुर्जों की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि चोरी की मोटरसाइकिलों को उनके मूल स्वरूप में बेचने के बजाय उनके हिस्सों को अलग-अलग करके खपाने की कोशिश की जाती थी। इससे वाहनों की पहचान छिपाने में मदद मिल सकती थी।
चोरी के बाद मोटरसाइकिलों को काटने का तरीका
पुलिस पूछताछ में अवनीश कुमार ने कथित तौर पर बताया कि वह मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उन्हें बेचने का काम करता था। हालांकि, पकड़े जाने के डर से वह चोरी की मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उनके पुर्जे निकाल देता था।
इसके बाद मोटरसाइकिल के अलग-अलग हिस्सों को कबाड़ के रूप में बेचने की कोशिश की जाती थी। इस तरीके से चोरी किए गए वाहन को सीधे बेचने की तुलना में उसकी पहचान छिपाना आसान हो सकता था।
वहीं, दूसरे आरोपित मो. कासिम ने पूछताछ में कबाड़ का काम करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक, उसने रुपये के लालच में चोरी का सामान खरीदने और आगे बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के पुर्जों की खरीद-बिक्री में इनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए थे।
तमंचा, कारतूस और चाकू भी बरामद
पुलिस ने आरोपितों के पास से मोटरसाइकिल के पुर्जों के अलावा एक 315 बोर का तमंचा, 12 कारतूस और चाकू भी बरामद किया है। इसके साथ ही चोरी और मोटरसाइकिलों को काटने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
बरामद उपकरणों में पेचकस, कटर और हथौड़ी शामिल हैं। पुलिस ने एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और ई-रिक्शा भी बरामद किया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
एसपी आरती सिंह ने पुलिस लाइन में किया खुलासा
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कादरीगेट थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
एसपी के अनुसार, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। साथ ही चोरी की मोटरसाइकिलों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये वाहन कहां से चोरी किए गए थे और इनके पुर्जों को कहां-कहां बेचा जाना था।
पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में चेकिंग और निगरानी को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच की जा रही है।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
इस मामले में दो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। खास तौर पर चोरी की मोटरसाइकिलों को खरीदने, उन्हें काटने और पुर्जों को कबाड़ के जरिए बेचने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा बरामद मोटरसाइकिलों के इंजन, चेसिस और अन्य पहचान संबंधी हिस्सों की जांच कर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। इससे पुलिस को वाहन चोरी की अन्य घटनाओं से इस मामले का संभावित संबंध जोड़ने में मदद मिल सकती है।
वाहन मालिकों के लिए भी जरूरी है सतर्कता
वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने में पुलिस के साथ वाहन मालिकों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मोटरसाइकिल खड़ी करते समय सुरक्षित स्थान का चयन करना, लॉक का इस्तेमाल करना और संभव हो तो अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण लगाना उपयोगी हो सकता है।
साथ ही, वाहन के दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखना चाहिए। मोटरसाइकिल चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देना और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना जांच में मदद कर सकता है।

