श्रावस्ती में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत अनफिट स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, कई वाहनों का चालान

7cbf7f81-24f7-4f4c-a26d-a86ca3e657ce

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रावस्ती में परिवहन विभाग द्वारा ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित इस अभियान के अंतर्गत स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, सुरक्षा मानकों और आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। अभियान के तहत अब तक कई वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। परिवहन विभाग का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कर विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

नवनियुक्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) मोहम्मद अजीम के कार्यभार संभालने के बाद अभियान को और अधिक सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कर रही है, जिससे वाहन संचालकों और स्कूल प्रबंधन में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत विशेष अभियान

परिवहन विभाग द्वारा चलाया जा रहा ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में संचालित सभी वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों।

इसके तहत वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन निकास और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।

ARTO मोहम्मद अजीम खुद उतरे सड़क पर

अभियान के दौरान गुरुवार को ARTO मोहम्मद अजीम स्वयं कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने पहुंचे और वहां से गुजर रहे स्कूली वाहनों की जांच की। उन्होंने एक-एक वाहन को रोककर उसके दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।

इस दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों से आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

फिटनेस और सुरक्षा मानकों की हुई जांच

जांच अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं की जांच की—

  • वाहन की फिटनेस प्रमाणित है या नहीं।
  • परमिट एवं पंजीकरण दस्तावेज वैध हैं या नहीं।
  • चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं।
  • वाहन में अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध है या नहीं।
  • स्पीड गवर्नर एवं अन्य सुरक्षा उपकरण कार्यरत हैं या नहीं।
  • वाहन की तकनीकी स्थिति बच्चों की सुरक्षित यात्रा के अनुरूप है या नहीं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन मानकों का पालन सभी स्कूल वाहनों के लिए अनिवार्य है।

कई वाहनों पर हुई कार्रवाई

परिवहन विभाग के अनुसार अभियान के शुरुआती दिनों में ही नियमों का उल्लंघन करने वाले एक दर्जन से अधिक स्कूली वाहनों का चालान किया जा चुका है। वहीं, गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो वाहनों को सीज भी किया गया।

विभाग ने संकेत दिए हैं कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल संचालकों को दिए गए आवश्यक निर्देश

परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे अपने सभी वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच कराएं और सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें।

इसके साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे दूर किए बिना बच्चों के परिवहन में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

ARTO मोहम्मद अजीम ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों और वाहन संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि विभाग समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाता रहेगा, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सके।

जागरूकता के साथ कार्रवाई पर भी जोर

परिवहन विभाग केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन संचालकों और विद्यालय प्रबंधन को सड़क सुरक्षा एवं परिवहन नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और जागरूकता अभियान से नियमों के पालन की संस्कृति विकसित होती है तथा दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।

सुरक्षित स्कूल परिवहन की आवश्यकता

विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूली वाहन बच्चों की दैनिक यात्रा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए इन वाहनों की तकनीकी स्थिति, चालक का अनुभव और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियमित फिटनेस जांच, वाहन रखरखाव और चालक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।

अभियान रहेगा जारी

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी विशेष निरीक्षण किए जाएंगे।

विभाग ने सभी स्कूल संचालकों, वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे परिवहन नियमों का पालन करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

श्रावस्ती में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परिवहन विभाग द्वारा नियमित जांच, सुरक्षा मानकों का अनुपालन और आवश्यक कार्रवाई से स्कूल परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

यदि सभी विद्यालय, वाहन संचालक और चालक निर्धारित नियमों का पालन करें, तो विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

You may have missed