श्रावस्ती कृषि विभाग में एंटी करप्शन की कार्रवाई, 5 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया यह बीज पटल सहायक

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन टीम ने कृषि विभाग में तैनात एक कर्मचारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कृषि विभाग के बीज पटल सहायक युगुल किशोर अवस्थी को लाइसेंस बनवाने के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन गोंडा इकाई ने रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग कार्यालय में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा। फिलहाल टीम ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कृषि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है।

रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग कार्यालय में तैनात बीज पटल सहायक युगुल किशोर अवस्थी पर आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस से संबंधित कार्य करने के एवज में 5 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन गोंडा इकाई ने मामले का सत्यापन किया और नियमानुसार कार्रवाई की योजना बनाई।

इसके बाद टीम ने कथित तौर पर आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए अपने साथ ले जाया गया।

कार्यालय में मचा हड़कंप

जैसे ही एंटी करप्शन टीम कृषि विभाग कार्यालय पहुंची, वहां मौजूद कर्मचारियों में हलचल मच गई। टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

कार्रवाई के दौरान विभागीय कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। हालांकि, बाद में कार्यालय में सामान्य कार्य शुरू हो गया।

लाइसेंस बनाने के नाम पर रिश्वत का आरोप

शिकायत के अनुसार, संबंधित कर्मचारी पर लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सुविधा उपलब्ध कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। इसी शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, श्रावस्ती कृषि विभाग में इससे पहले भी एंटी करप्शन टीम द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में एक बार फिर हुई गिरफ्तारी के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, इन सवालों पर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।

हाल ही में हुआ था तबादला

बताया जा रहा है कि युगुल किशोर अवस्थी का हाल ही में बहराइच से श्रावस्ती स्थानांतरण हुआ था। स्थानांतरण के बाद उन्हें बीज पटल का दायित्व सौंपा गया था।

समाचार में लगाए गए अन्य आरोपों, जैसे विभिन्न पटलों पर सक्रिय भूमिका या अधिकारियों की कथित मेहरबानी, की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित जांच या विभागीय अभिलेखों के बाद ही संभव होगी।

एंटी करप्शन टीम ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेज, शिकायत और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का महत्व

विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। इससे आम नागरिकों का सरकारी संस्थाओं पर विश्वास मजबूत होता है।

साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक मामले में जांच पूरी होने तक आरोपी को कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का अवसर मिले और न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाए।

पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत

सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध सेवा वितरण और शिकायत निवारण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल एंटी करप्शन टीम द्वारा मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि कानून के अनुसार निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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