श्रावस्ती में सगे भाई पर मकान कब्जाने का आरोप, रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

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Digital UP News Desk

श्रावस्ती: गिलौला थाना क्षेत्र के रायपुर विलेला गांव से एक पारिवारिक संपत्ति विवाद का मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड बैंक शाखा प्रबंधक ने अपने ही सगे छोटे भाई पर मकान पर कब्जा करने, घर में रखे बक्सों के ताले तोड़कर नकदी ले जाने और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि जिस मकान को लेकर विवाद चल रहा है, उसका बैनामा उनके नाम है। इसके बावजूद उनके भाई ने कथित तौर पर मकान पर कब्जा कर लिया है।

मामला सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में इसकी चर्चा है। वहीं, पीड़ित रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने मामले में कार्रवाई और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने गिलौला थानाध्यक्ष से लेकर क्षेत्राधिकारी (सीओ) तक लिखित शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।

रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने लगाए गंभीर आरोप

रायपुर विलेला गांव निवासी रिटायर्ड बैंक शाखा प्रबंधक जितेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक, जिस मकान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह उनकी संपत्ति है और उसके संबंध में कानूनी दस्तावेज उनके नाम पर हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उनके सगे छोटे भाई ने मकान पर कब्जा कर लिया।

पीड़ित का कहना है कि मामला केवल मकान पर कब्जे तक सीमित नहीं है। आरोप है कि घर में रखे बक्सों के ताले तोड़े गए और उनमें रखी नकदी निकाल ली गई। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण कागजात भी गायब होने की बात कही गई है। पीड़ित के अनुसार, इन दस्तावेजों में संपत्ति से जुड़े कागजात भी शामिल हो सकते हैं, जिनका भविष्य में कानूनी प्रक्रिया में महत्व है।

जितेंद्र बहादुर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी गुहार लगाई है कि उनके मकान और सामान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि विवाद के दौरान किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो।

बैनामा अपने नाम होने का दावा

पीड़ित रिटायर्ड बैंक मैनेजर का सबसे अहम दावा यह है कि विवादित मकान का बैनामा उनके नाम पर है। ऐसे में वह मकान पर अपने अधिकार का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि संपत्ति से संबंधित दस्तावेज उनके पक्ष में हैं और इसके बावजूद भाई द्वारा कथित रूप से मकान पर कब्जा किया जाना उनके लिए गंभीर चिंता का विषय है।

हालांकि, संपत्ति के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े अंतिम तथ्य पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

ताले तोड़ने और नकदी ले जाने का भी आरोप

जितेंद्र बहादुर सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके घर में रखे बक्सों के ताले तोड़े गए। इसके बाद उनमें रखी नकदी निकाल ली गई। साथ ही, घर में रखे कुछ जरूरी कागजात भी नहीं मिले। पीड़ित के अनुसार, इन दस्तावेजों के गायब होने से उन्हें भविष्य में संपत्ति और अन्य मामलों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।

उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और गायब दस्तावेजों तथा अन्य सामान के संबंध में जानकारी जुटाने की मांग की है। इसके अलावा, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।

थाने से लेकर सीओ कार्यालय तक पहुंचा मामला

मामले को लेकर पीड़ित ने पहले गिलौला थाने में शिकायत की। इसके बाद उन्होंने क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से भी न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में उन्होंने अपने आरोपों का उल्लेख करते हुए पुलिस से मामले की जांच करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

पुलिस की ओर से मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान पुलिस संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैनामा, कब्जे की स्थिति और कथित तौर पर गायब हुए सामान व कागजात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है। इसके अलावा शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।

पारिवारिक विवाद ने बढ़ाई चिंता

संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब मामला सगे भाइयों के बीच पहुंच जाए तो स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। इस मामले में भी पीड़ित ने अपने ही छोटे भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में पुलिस जांच के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह सामने आना जरूरी है।

पीड़ित का आरोप है कि उनके अधिकार वाली संपत्ति पर उन्हें ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पुलिस के लिए यह जरूरी होगा कि वह दोनों पक्षों की बात सुने और उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करे।

दस्तावेजों की जांच से साफ होगी तस्वीर

संपत्ति विवाद में दस्तावेजों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस जांच के दौरान बैनामा और अन्य संबंधित कागजातों की जांच कर सकती है। यदि पीड़ित के नाम पर संपत्ति का वैध दस्तावेज मिलता है तो उसके आधार पर मामले के कानूनी पहलुओं को समझने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही, घर में रखे बक्सों के ताले टूटने और नकदी गायब होने के आरोपों की भी अलग से जांच आवश्यक होगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि घटना कब हुई, उस समय घर पर कौन मौजूद था और कथित तौर पर गायब सामान तथा दस्तावेजों के संबंध में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।

पीड़ित को कार्रवाई का इंतजार

रिटायर्ड बैंक शाखा प्रबंधक जितेंद्र बहादुर सिंह ने पुलिस अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि वह अपने अधिकारों को लेकर पुलिस और प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। शिकायत के बाद अब उनकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।

फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विवादित मकान के संबंध में वास्तविक कानूनी स्थिति क्या है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

 पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी

श्रावस्ती के गिलौला क्षेत्र का यह मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा है, जिसमें एक रिटायर्ड बैंक शाखा प्रबंधक ने अपने सगे भाई पर मकान कब्जाने, बक्से के ताले तोड़ने, नकदी ले जाने और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने थाने से लेकर सीओ स्तर तक शिकायत देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।