कानपुर में कारोबारी की मौत के मामले में मुख्य आरोपी संजय ढाबा मुठभेड़ में घायल, पुलिस पर फायरिंग का आरोप
Digital UP News Desk
कानपुर: थाना काकादेव क्षेत्र में 5 सितंबर 2026 को कारोबारी अमित कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। उपचार के दौरान 8 सितंबर को अमित कुमार की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की।
इनमें मुख्य आरोपी बताए जा रहे संजय ढाबा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को आरोपी को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। जवाब में आत्मरक्षा के लिए पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने दी है। पुलिस अब मामले में सामने आए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दे रही है।
मारपीट की घटना के बाद उपचार के दौरान हुई थी कारोबारी की मौत
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को थाना काकादेव क्षेत्र में अमित कुमार नामक व्यवसायी के साथ मारपीट की घटना हुई थी। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उपचार के दौरान 8 सितंबर को उनकी मृत्यु हो गई।
कारोबारी की मौत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अभियोग दर्ज किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आने की बात कही है। इसके बाद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें थीं सक्रिय
पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे संजय ढाबा के खिलाफ पहले से 50 से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं। इसी वजह से पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर विशेष रूप से प्रयास कर रही थी।
आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगातार काम कर रही थीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस टीम ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद जांच में एक और तथ्य सामने आया
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के दौरान एक अन्य तथ्य सामने आया है। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि एक पत्रकार ने उसे सोशल मीडिया पर खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो प्रसारित करने की सलाह दी थी।
पुलिस ने इस जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में सामने आए तथ्यों की स्वतंत्र रूप से विवेचना की जा रही है। जांच में यदि कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस अब केवल आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं रहकर घटना से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों और परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी विवेचना जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली मदद
इस मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की अहम भूमिका बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने उपलब्ध फुटेज को खंगाला और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि इन्हीं जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए।
किसी भी आपराधिक मामले में जांच के दौरान उपलब्ध डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ा है। ऐसे में पुलिस ने इस मामले में भी इन माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी
मुख्य आरोपी के घायल होने और अस्पताल में उपचार के लिए भेजे जाने के बाद भी पुलिस की जांच जारी है। मामले में प्रकाश में आए तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयासरत हैं।
पुलिस के अनुसार, संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपियों से जुड़े लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जाए।
साथ ही, सोशल मीडिया पर कथित तौर पर वीडियो प्रसारित करने की सलाह देने वाले पत्रकार से संबंधित तथ्य की भी विवेचना की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी द्वारा पूछताछ के दौरान बताई गई जानकारी की वास्तविकता क्या है और इस संबंध में कोई अन्य तथ्य सामने आता है या नहीं।
पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की बात कही
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया है।
ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के दौरान घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाती है। इसलिए इस मामले में भी पुलिस की ओर से सामने आए तथ्यों के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी विवेचना की जा रही है।
आगे की जांच में सामने आएंगे नए तथ्य
अमित कुमार की मौत के मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों के नाम प्रकाश में आने की बात कह चुकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ आरोपी द्वारा पूछताछ में बताए गए सोशल मीडिया वीडियो से जुड़े दावे की भी जांच कर रही है।
फिलहाल मुख्य आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की जांच कर रही है। वहीं, फरार बताए जा रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों के प्रयास जारी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

