श्रावस्ती में 12 जुलाई को होगा वृहद पौधरोपण अभियान, 42.54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और जलवायु संतुलन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से श्रावस्ती जनपद में 12 जुलाई को वृहद पौधरोपण अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 42.54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों को अलग-अलग लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पौधों की सुरक्षा, निगरानी और जियो-टैगिंग पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि लगाए गए पौधों की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
वन विभाग और अन्य विभागों को मिला लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 42.54 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 18.64 लाख पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे, जबकि 23.90 लाख पौधों का रोपण अन्य विभागों को सौंपा गया है।
इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने लक्ष्य के अनुरूप समय से पौधों का उठान (लिफ्टिंग) सुनिश्चित करें और निर्धारित तिथि पर पौधरोपण कार्य पूरा करें।
सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा गया कि पौधरोपण अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी गुणवत्ता और पौधों के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
इसके लिए विभागों को पहले से ही रोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
एक सप्ताह के भीतर होगी जियो-टैगिंग
अभियान की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत बनाने के लिए यह निर्देश भी जारी किया गया कि पौधरोपण के एक सप्ताह के भीतर लगाए गए सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए।
जियो-टैगिंग के माध्यम से प्रत्येक पौधे का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे भविष्य में उसकी स्थिति, देखभाल और जीवित रहने की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। इससे अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
जनसहभागिता को बताया सफलता की कुंजी
बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) धनराज मीणा ने कहा कि किसी भी पौधरोपण अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग इस अभियान से जुड़ते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और वायु गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ष व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान संचालित करती है, जिसमें विभिन्न विभागों और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पौधरोपण के बाद नियमित निरीक्षण और पौधों की सुरक्षा की भी व्यवस्था की जाए।
साथ ही यह भी कहा गया कि जिन स्थानों पर पौधरोपण किया जाए, वहां पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और आवश्यक रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग सुनिश्चित करेंगे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में होगा पौधरोपण
अभियान के अंतर्गत केवल वन क्षेत्रों तक सीमित न रहकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी पौधे लगाए जाएंगे। सड़क किनारे, विद्यालय परिसर, सरकारी कार्यालय, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक स्थान और खाली भूमि को प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है।
इससे जिले के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
पौधरोपण अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाहिद अहमद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अभियान को सफल बनाने के लिए विभागवार कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी और पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
स्थायी हरियाली पर रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल अधिक संख्या में पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करना भी है।
इसी कारण जियो-टैगिंग, नियमित निरीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
हरित भविष्य की ओर बढ़ता श्रावस्ती
12 जुलाई को आयोजित होने वाला यह वृहद पौधरोपण अभियान श्रावस्ती जिले के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी विभाग, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन, विद्यार्थी और आम नागरिक मिलकर इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दें।
यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण और उनकी प्रभावी देखभाल सुनिश्चित होती है, तो आने वाले वर्षों में श्रावस्ती का हरित आवरण बढ़ेगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और भावी पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण योगदान देगा।

