आजमगढ़ में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, 215 से अधिक मरीजों की जांच; 50 से 60 में मोतियाबिंद

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के अजमतगढ़ विकासखंड स्थित काजी की डिघवनिया पंचायत भवन में शनिवार को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। रमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, नरौली आजमगढ़ के समाजसेवी डॉ. अमित सिंह के सौजन्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई। शिविर में 215 से अधिक मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। जांच के बाद मरीजों को जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं, जबकि जरूरतमंद लोगों को चश्मे भी उपलब्ध कराए गए।

शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे लोगों तक नेत्र स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था, जो किसी कारणवश समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच नहीं करा पाते हैं। शिविर में चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की विभिन्न समस्याओं की जांच की और उन्हें आवश्यक सलाह भी दी। इस दौरान मरीजों को आंखों की देखभाल और समय-समय पर जांच कराने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

मोतियाबिंद के मरीजों की संख्या अधिक

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज सिंह के अनुसार, शिविर में जांच कराने पहुंचे मरीजों में सबसे अधिक संख्या मोतियाबिंद से संबंधित समस्या वाले लोगों की रही। जांच के दौरान करीब 50 से 60 मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या सामने आई। इसके अलावा कई मरीजों ने नजदीक की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई नहीं देने, आंखों में माड़ा आने, पुरानी चोट, जलन, खुजली और कीचड़ आने जैसी समस्याओं की शिकायत की।

चिकित्सकों ने मरीजों की समस्या के अनुसार उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। साथ ही, जिन लोगों को तत्काल उपचार या आगे विशेषज्ञ जांच की जरूरत महसूस हुई, उन्हें उसके संबंध में भी जानकारी दी गई। इस प्रकार शिविर केवल जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मरीजों को आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

मोबाइल और टीवी के अधिक इस्तेमाल पर डॉक्टर ने जताई चिंता

डॉ. नीरज सिंह ने वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल फोन और टीवी के इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत आंखों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर बच्चों में लगातार मोबाइल फोन देखने के कारण कम उम्र में ही आंखों से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगी हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने दें। साथ ही, बच्चों की स्क्रीन टाइमिंग पर ध्यान देने और आंखों में किसी प्रकार की परेशानी महसूस होने पर समय रहते चिकित्सक से जांच कराने की सलाह दी। चिकित्सकों के मुताबिक, आंखों की समस्या को शुरुआती स्तर पर पहचानना और उचित सलाह लेना काफी महत्वपूर्ण है।

जरूरतमंद मरीजों को दवाएं और चश्मे वितरित

निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में जांच कराने पहुंचे मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई गईं। वहीं, जिन मरीजों को चश्मे की जरूरत थी, उन्हें भी चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर जांच, चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक सहायता मिल सकी।

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग आर्थिक कारणों या स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के चलते आंखों की नियमित जांच नहीं करा पाते हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। शिविर में पहुंचे मरीजों ने निःशुल्क जांच और दवा वितरण की व्यवस्था को लेकर भी सराहना की।

डॉ. अमित सिंह ने कहा- जनसेवा ही सबसे बड़ा धर्म

समाजसेवी डॉ. अमित सिंह ने कहा कि जनसेवा भाव से किया गया कार्य ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका कहना है कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से क्षेत्र में लगातार निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. अमित सिंह के अनुसार, अब तक अलग-अलग शिविरों के माध्यम से एक हजार से अधिक जरूरतमंद लोगों का निःशुल्क नेत्र परीक्षण और उपचार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद, आंखों में माड़ा, जलन, खुजली और कम दिखाई देने जैसी समस्याओं से परेशान लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से जांच और उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि आर्थिक स्थिति किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य उपचार में बाधा न बने।

आगे भी जारी रहेगा स्वास्थ्य सेवा अभियान

आजमगढ़ के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस निःशुल्क नेत्र जांच शिविर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हुईं। 215 से अधिक मरीजों की जांच और जरूरतमंदों को दवाएं व चश्मे उपलब्ध कराए जाने से शिविर का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिला।

मोतियाबिंद समेत आंखों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की पहचान होने के बाद चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक सलाह दी। वहीं, मोबाइल और टीवी के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया गया। डॉ. अमित सिंह ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

इस तरह निःशुल्क नेत्र जांच शिविर ने न केवल मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई, बल्कि लोगों को आंखों की नियमित जांच, स्क्रीन टाइम कम करने और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति भी जागरूक किया।