श्रावस्ती में विधायक पुरवा का रास्ता बदहाल, कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

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रिपोर्ट-सूर्यप्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती : श्रावस्ती जिले के विकासखंड जमुनहा क्षेत्र में बारिश के बीच ग्रामीण संपर्क मार्गों की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। भावनियापुर के मजरा विधायक पुरवा (द्वारिका गांव बाग) में संपर्क मार्ग पर गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और छात्रों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें बारिश के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बाद संपर्क मार्ग पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा नहीं हो सका। नाली के कई हिस्सों के पट जाने से गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। ऐसे में बारिश होने पर सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है।

गड्ढों और जलभराव से बदहाल संपर्क मार्ग

जमुनहा के द्वारिकागांव क्षेत्र में विधायक पुरवा का संपर्क मार्ग लंबे समय से ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी मार्ग से स्थानीय लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचते हैं।

बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। जहां सड़क पहले से गड्ढों की वजह से खराब है, वहीं जलभराव के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते को चलने योग्य बनाने के लिए ईंटों के रोड़े डाले गए हैं, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

दरअसल, सड़क को समतल किए बिना केवल ईंटों के रोड़े डालने से रास्ते की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बारिश के दौरान इन स्थानों पर कीचड़ फैल जाता है। परिणामस्वरूप पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नाली बनी, लेकिन इंटरलॉकिंग का काम अटका

ग्रामीणों के अनुसार संपर्क मार्ग पर नाली निर्माण का काम कराया गया था। इससे उम्मीद जगी थी कि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क पर पानी जमा नहीं होगा। हालांकि, नाली निर्माण के बाद सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा नहीं होने से समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाली के साथ-साथ सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम भी पूरा कर दिया जाए तो जलभराव और कीचड़ की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। फिलहाल नाली के कुछ हिस्सों के पट जाने के कारण पानी सड़क की ओर बह रहा है।

इस वजह से सड़क पर स्वच्छ आवागमन के बजाय कीचड़ और पानी की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से इस समस्या पर जल्द ध्यान देने की मांग की है।

स्कूली बच्चों के सामने सबसे बड़ी परेशानी

संपर्क मार्ग की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह के समय बच्चों को इसी रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच बच्चों को सावधानी से चलना पड़ता है।

ग्रामीणों के मुताबिक कीचड़ के कारण रास्ते पर फिसलने का खतरा बना रहता है। कई स्थानों पर गड्ढे पानी से भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ जाती है।

वहीं, जिन बच्चों को पैदल स्कूल जाना पड़ता है, उनके कपड़े और जूते भी कीचड़ से खराब हो जाते हैं। इससे रोजाना स्कूल आने-जाने में उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के लिए बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाना जरूरी है। इसलिए विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते का बेहतर होना भी उतना ही आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि संपर्क मार्ग को जल्द ठीक कर दिया जाए तो बच्चों समेत पूरे गांव को राहत मिल सकती है।

बारिश में बढ़ जाती है समस्या

विधायक पुरवा के संपर्क मार्ग की समस्या सामान्य दिनों की तुलना में बारिश के मौसम में अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क पर पहले से मौजूद गड्ढों में पानी भर जाता है और आसपास की मिट्टी गीली होने के कारण कीचड़ फैल जाता है।

इसके अलावा नाली के पटने से पानी की निकासी प्रभावित होने पर सड़क पर जलभराव की स्थिति बनती है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान कुछ हिस्सों से गुजरना काफी मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ जल निकासी की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाना जरूरी है। केवल सड़क पर सामग्री डालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए नाली की सफाई, जल निकासी की उचित व्यवस्था और इंटरलॉकिंग का काम पूरा करना आवश्यक है।

150 मीटर इंटरलॉकिंग कार्ययोजना में शामिल

ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत स्तर से भी काम को लेकर जानकारी सामने आई है। प्रधान प्रतिनिधि के मुताबिक विधायक पुरवा में करीब 150 मीटर इंटरलॉकिंग का कार्ययोजना में शामिल किया गया है।

यदि प्रस्तावित कार्य समय पर पूरा होता है तो ग्रामीणों को संपर्क मार्ग की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल बारिश के दौरान लोगों को खराब रास्ते से ही आवागमन करना पड़ रहा है।

ग्रामीण चाहते हैं कि कार्ययोजना में शामिल इंटरलॉकिंग का काम जल्द शुरू कराया जाए, ताकि आने वाले दिनों में सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या कम हो सके। साथ ही नाली की स्थिति को भी ठीक करने की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग गांव के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इसकी मरम्मत केवल अस्थायी तौर पर नहीं, बल्कि स्थायी तरीके से की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सड़क की ऊंचाई, जल निकासी और इंटरलॉकिंग का काम एक साथ व्यवस्थित तरीके से कराया जाए।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। इसके बाद आवश्यकतानुसार इंटरलॉकिंग और नाली से संबंधित कार्य जल्द पूरा कराया जाए।

विशेष रूप से स्कूली बच्चों की आवाजाही को देखते हुए ग्रामीण चाहते हैं कि विद्यालय जाने वाले मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। इससे बच्चों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।

विकास कार्य पूरा होने का इंतजार

विधायक पुरवा में संपर्क मार्ग की बदहाली का मामला विकास कार्यों को समय पर पूरा करने की जरूरत को भी सामने लाता है। नाली का निर्माण होने के बाद यदि सड़क का काम अधूरा रह जाता है तो जल निकासी और आवागमन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

ऐसे में ग्रामीणों की नजर अब प्रस्तावित 150 मीटर इंटरलॉकिंग कार्य पर है। यदि यह काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाता है तो सड़क की स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

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