मथुरा में जिला बदर अभियुक्त गिरफ्तार, आदेश की अवहेलना कर गांव में रह रहा था
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। जिला बदर किए गए एक अभियुक्त के निर्धारित अवधि से पहले जनपद में वापस लौटकर अपने गांव में रहने का मामला सामने आया है। मांट थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए जिला बदर अभियुक्त करन उर्फ करनवीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को जिलाधिकारी मथुरा के न्यायालय के आदेश पर छह माह के लिए जिला बदर किया गया था। इसके बावजूद वह जनपद की सीमा में वापस आकर अपने गांव में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी को शनिवार को न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जिला बदर किए गए अपराधियों को लेकर निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
छह माह के लिए किया गया था जिला बदर
मांट पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किया गया अभियुक्त करन उर्फ करनवीर पुत्र सोरन सिंह, निवासी ग्राम हैंद खंड जाबरा, थाना मांट, जनपद मथुरा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त की गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी।
जिलाधिकारी मथुरा के न्यायालय में विचाराधीन वाद संख्या 1291/25 के तहत अभियुक्त को छह माह के लिए जनपद से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। आदेश के तहत उसे निर्धारित अवधि तक मथुरा जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं करना था।
पुलिस के अनुसार 21 अप्रैल 2026 को अभियुक्त को जिलाधिकारी के आदेश की प्रति उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद उसे जनपद की सीमा से बाहर भेज दिया गया था। साथ ही उसे स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई थी कि जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले वह जनपद में वापस नहीं आएगा।
आदेश के बावजूद गांव में लौट आया अभियुक्त
पुलिस का कहना है कि जिला बदर किए जाने के बाद भी करन उर्फ करनवीर निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही मथुरा जनपद में वापस आ गया। आरोप है कि वह अपने गांव में रह रहा था और पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था।
हालांकि, पुलिस को लगातार मुखबिरों के माध्यम से उसके गांव में मौजूद होने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद मांट पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। पुलिस टीम ने उसकी संभावित मौजूदगी वाले स्थानों की निगरानी की।
इसी क्रम में शुक्रवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जिला बदर अभियुक्त करन अपने घर के सामने मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार ने पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
रात करीब 11 बजे पुलिस ने की कार्रवाई
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मांट थाना पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। पुलिस के पहुंचने पर अभियुक्त ने वहां से निकलने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसके द्वारा जिला बदर की अवधि समाप्त होने से पहले ही जनपद में लौटने की बात सामने आई। पुलिस ने उसके खिलाफ जिला बदर आदेश के उल्लंघन के आरोप में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिला बदर किए गए व्यक्तियों के जनपद में वापस आने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में सूचना मिलने पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
मांट थाना पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा संख्या 218/2026 दर्ज किया है। यह मुकदमा धारा 3/10 उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार जिला बदर का आदेश प्रशासनिक स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया जाता है। ऐसे आदेश के बावजूद संबंधित व्यक्ति का निर्धारित अवधि से पहले जनपद की सीमा में प्रवेश करना आदेश के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
अब पुलिस द्वारा मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। न्यायालय में पेशी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
पुलिस टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
अभियुक्त की गिरफ्तारी में मांट थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार, उपनिरीक्षक विजन सिंह और उपनिरीक्षक संजीव कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिला बदर किए गए अभियुक्तों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस सूचनाओं के साथ-साथ मुखबिर तंत्र की भी मदद ली जा रही है। यदि कोई जिला बदर व्यक्ति आदेश की अवधि के दौरान जनपद में मौजूद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला बदर आदेशों की निगरानी पर जोर
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से जिला बदर किए गए लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। खासतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाती है और आदेश का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करती है।
मांट क्षेत्र में सामने आए इस मामले में भी पुलिस को पहले मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने सूचना की जांच की और मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया। इस तरह पुलिस ने जिला बदर आदेश के अनुपालन को लेकर अपनी सतर्कता का संकेत दिया है।
वहीं, पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई जिला बदर व्यक्ति आदेश की अवधि के दौरान क्षेत्र में दिखाई देता है, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। सूचना देने वाले की पहचान को लेकर आवश्यक गोपनीयता बरतने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
मांट पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिला बदर किए गए व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा आदेशों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

