कानपुर में सड़क निर्माण में लापरवाही पर 20 लाख जुर्माना, 31 अक्टूबर तक सुधार की डेडलाइन
रिपोर्ट- हनुमन्त सिंह पिन्टू
कानपुर। शहर में सड़क निर्माण और सड़कों की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त ने कानपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान स्वरूप नगर क्षेत्र के श्यामगढ़ में सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आने पर संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई गई। वहीं, निर्माण कार्य में अपेक्षित गुणवत्ता और मानकों का पालन न किए जाने पर से इंफ्राटेक कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसियों में भी हलचल बढ़ गई है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित कंपनी को सड़क को निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के लिए 31 अक्टूबर तक की समय सीमा दी गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर सड़क का काम पूरा नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर मंडलायुक्त की नजर
कानपुर में बारिश के दौरान और उसके बाद कई इलाकों में सड़कों की स्थिति खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं सड़क निर्माण का काम अधूरा पड़ा है तो कहीं नई बनी सड़क के खराब होने की शिकायतें मिलती हैं। इसी को देखते हुए मंडलायुक्त ने शहर की कई प्रमुख और संपर्क मार्गों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण एजेंसियां निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही काम करें। प्रशासन का उद्देश्य केवल सड़क का निर्माण पूरा कराना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनाना भी है।
स्वरूप नगर के श्यामगढ़ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में लापरवाही मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जाहिर की। संबंधित ठेकेदार को मौके पर ही आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया।
से इंफ्राटेक कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए से इंफ्राटेक कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से की गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच लगातार की जाए। इसके साथ ही सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और कार्य की प्रगति पर भी नजर रखी जाए। प्रशासन की कोशिश है कि सार्वजनिक धन से किए जा रहे निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही न हो।
दरअसल, सड़क निर्माण पर सरकारी स्तर से बड़ी धनराशि खर्च की जाती है। ऐसे में यदि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही खराब हो जाए तो इससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। साथ ही लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रशासन अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अधिक सख्ती बरत रहा है।
31 अक्टूबर तक सड़क दुरुस्त करने की डेडलाइन
मंडलायुक्त ने संबंधित कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि श्यामगढ़ की सड़क को 31 अक्टूबर तक दुरुस्त किया जाए। इसके लिए आवश्यक सुधार कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल खानापूर्ति के लिए सड़क की मरम्मत स्वीकार नहीं की जाएगी। सड़क को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना होगा। संबंधित अधिकारियों को इसकी निगरानी करने और समय-समय पर प्रगति की रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, यदि कंपनी निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने में विफल रहती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस मामले में किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
बारिश से खराब सड़कों को भी जल्द ठीक करने के निर्देश
कानपुर में बारिश के कारण कई सड़कों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से सामने आए हैं। कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण सड़क की सतह भी प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को बारिश से खराब हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए। इसके अलावा जिन स्थानों पर सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य चल रहा है, वहां काम की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
विशेष रूप से शहर के व्यस्त मार्गों और उन सड़कों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना आवागमन होता है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।
निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखने का संदेश
मंडलायुक्त के निरीक्षण और जुर्माने की कार्रवाई को निर्माण एजेंसियों के लिए स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हों। किसी परियोजना में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित एजेंसी से जवाबदेही तय की जाएगी।
सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तकनीकी मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सड़क की मजबूती और जल निकासी की व्यवस्था जैसे पहलुओं की निगरानी जरूरी है। खासकर बारिश के मौसम में सड़क की टिकाऊ क्षमता का परीक्षण भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
जनता को बेहतर सड़क सुविधा देने पर जोर
कानपुर तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां लगातार सड़क, यातायात तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में सड़कों की गुणवत्ता शहर के विकास से सीधे जुड़ा विषय है। अच्छी सड़कें न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाती हैं, बल्कि लोगों के समय और ईंधन की भी बचत करती हैं।
इसी वजह से प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाई जा रही है। मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से यह संकेत मिला है कि सड़क निर्माण में लापरवाही करने वाली एजेंसियों पर आर्थिक दंड के साथ-साथ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
फिलहाल श्यामगढ़ की सड़क को 31 अक्टूबर तक दुरुस्त करने की समय सीमा तय की गई है। अब संबंधित कंपनी और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि निर्धारित समय के भीतर सुधार कार्य पूरा कराया जाए। यदि काम समय पर और गुणवत्ता के अनुरूप पूरा होता है तो क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

