प्रयागराज-कौशांबी में दो IAS-IPS भाइयों की तैनाती, अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा की जोड़ी चर्चा में

WhatsApp Image 2026-09-12 at 3.30.04 PM

Digital UP News Desk

प्रयागराज: फिल्मों में अक्सर दो भाइयों को प्रशासनिक सेवाओं में आमने-सामने जिम्मेदारी निभाते हुए दिखाया जाता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में इन दिनों ऐसी ही एक वास्तविक कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रयागराज और पड़ोसी जिले कौशांबी में दो सगे भाइयों की वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस पदों पर तैनाती ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। ये भाई हैं आईपीएस अधिकारी डॉ. अजय पाल शर्मा और आईएएस अधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा।

हाल ही में अमित पाल शर्मा को कौशांबी का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, अजय पाल शर्मा प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों अधिकारियों की तैनाती ऐसे जिलों में हुई है, जो भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। यही वजह है कि प्रशासन और पुलिस सेवा में दोनों भाइयों की एक साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने की चर्चा हो रही है।

पंजाब के लुधियाना से है दोनों भाइयों का संबंध

अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। दोनों का जन्म लुधियाना के विकासनगर में हुआ। उनके पिता अमरजीत शर्मा सरकारी स्कूल में पंजाबी के लेक्चरर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर वे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने के लिए भी जाने जाते रहे हैं।

परिवार की सादगी और शिक्षा के प्रति लगाव ने दोनों भाइयों के व्यक्तित्व को प्रभावित किया। उनकी मां प्रेम शर्मा ने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। दोनों भाइयों की प्रारंभिक शिक्षा लुधियाना में हुई। इसके बाद दोनों ने मेडिकल क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल की।

दिलचस्प बात यह है कि चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद दोनों भाइयों का रुझान प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ा। आगे चलकर दोनों ने अलग-अलग प्रशासनिक सेवाओं में स्थान बनाया। एक भाई ने भारतीय पुलिस सेवा का रास्ता चुना, जबकि दूसरे ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बनाई।

कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?

डॉ. अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने डेंटल सर्जरी की पढ़ाई की है। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

अपनी सख्त कार्यशैली और कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रिय भूमिका के कारण अजय पाल शर्मा की पहचान एक कड़े पुलिस अधिकारी के रूप में बनी। शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर समेत कई स्थानों पर तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को लेकर सक्रियता दिखाई।

उनकी कार्यशैली के कारण उन्हें मीडिया में कई बार ‘डॉक्टर कॉप’ के नाम से भी संबोधित किया गया। पुलिस सेवा में उनकी पहचान फिटनेस, अनुशासन और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बनी।

प्रयागराज में तैनाती के दौरान भी उन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। माफिया अतीक अहमद के गैंग के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौर में भी अजय पाल शर्मा की भूमिका चर्चा में रही थी।

इसके अलावा, चुनावी ड्यूटी के दौरान भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने उन्हें पुलिस पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस दौरान उनकी सक्रिय कार्यशैली और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़ी भूमिका भी चर्चा में रही।

वर्तमान में प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था के पद पर उनकी तैनाती है। यह जिम्मेदारी प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जिले में कानून-व्यवस्था के लिहाज से काफी अहम मानी जाती है।

कौन हैं IAS अमित पाल शर्मा?

डॉ. अमित पाल शर्मा 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। मेडिकल शिक्षा के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना करियर बनाया और उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई।

अमित पाल शर्मा को एक ऐसे अधिकारी के तौर पर देखा जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया है। कौशांबी का जिलाधिकारी बनाए जाने से पहले वह प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे।

इससे पहले उन्होंने मेरठ नगर आयुक्त, सोनभद्र के मुख्य विकास अधिकारी और गाजियाबाद के एसडीएम सदर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है। अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान उन्हें विकास योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कार्यों का अनुभव मिला।

महाकुंभ 2025 से पहले प्रयागराज में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

अमित पाल शर्मा की प्रयागराज में तैनाती उस समय हुई थी, जब महाकुंभ 2025 की तैयारियां तेजी से चल रही थीं। उन्हें प्रयागराज विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया था। ऐसे समय में शहर में बुनियादी ढांचे, निर्माण कार्यों और विभिन्न विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती थी।

महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे। ऐसे में शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण था। अमित पाल शर्मा ने पीडीए से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को गति देने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने में भूमिका निभाई।

इसके अलावा, महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ प्रबंधन से जुड़े प्रयासों में भी उनकी भूमिका रही। बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर भीड़ को व्यवस्थित रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी था।

पड़ोसी जिलों में दोनों भाइयों की तैनाती क्यों खास?

प्रयागराज और कौशांबी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले हैं और दोनों एक-दूसरे से सटे हुए हैं। ऐसे में एक जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दूसरे जिले में जिलाधिकारी के पद पर सगे भाइयों की तैनाती स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गई है।

हालांकि, दोनों की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। अजय पाल शर्मा पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था से संबंधित जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि अमित पाल शर्मा कौशांबी के जिलाधिकारी के रूप में जिले के प्रशासनिक कामकाज का नेतृत्व कर रहे हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था में प्रत्येक अधिकारी की भूमिका और अधिकार क्षेत्र निर्धारित होते हैं। इसलिए दोनों भाइयों का एक साथ महत्वपूर्ण पदों पर होना केवल पारिवारिक संयोग ही नहीं, बल्कि उनके लंबे प्रशासनिक और पुलिस करियर की उपलब्धियों को भी दर्शाता है।

मेडिकल पढ़ाई से प्रशासनिक सेवा तक का सफर

दोनों भाइयों की कहानी का एक खास पहलू यह भी है कि उन्होंने मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक सेवाओं को अपना करियर बनाया। आम तौर पर एमबीबीएस या डेंटल सर्जरी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाते हैं। लेकिन अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा ने अलग दिशा चुनी।

एक ने पुलिस सेवा में जाकर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली, जबकि दूसरे ने प्रशासनिक सेवा के माध्यम से विकास और शासन से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई। इस तरह दोनों भाइयों ने अपने-अपने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई।

अब जब अजय पाल शर्मा प्रयागराज में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अमित पाल शर्मा कौशांबी में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तो दोनों की पेशेवर यात्रा एक बार फिर चर्चा में है।

दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारियां अहम

प्रयागराज धार्मिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर है। वहीं कौशांबी भी ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में दोनों जिलों में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण रहती है।

विशेष रूप से प्रयागराज और कौशांबी के बीच क्षेत्रीय संपर्क को देखते हुए दोनों जिलों के प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। हालांकि, दोनों अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से जिम्मेदारियां निभाते हैं।

फिलहाल, अजय पाल शर्मा और अमित पाल शर्मा की यह जोड़ी इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि एक ही परिवार से आने वाले दो अधिकारी पड़ोसी जिलों में वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों की कहानी यह भी बताती है कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए भी एक ही परिवार के सदस्य सार्वजनिक सेवा में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई है
प्रयागराज और कौशांबी में दो सगे भाइयों की वरिष्ठ पदों पर तैनाती प्रशासनिक हलकों के साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। डॉ. अजय पाल शर्मा ने पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई है, जबकि डॉ. अमित पाल शर्मा प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। मेडिकल शिक्षा से शुरू हुआ दोनों भाइयों का सफर अब उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में अलग-अलग भूमिकाओं तक पहुंच चुका है।

You may have missed