यूपी के बांदा-चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों को इंडस टावर्स की राहत, 900 लोगों तक पहुंची मदद
रिपोर्ट – नीलेश झा
बांदा/चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता पहुंचाने के लिए इंडस टावर्स लिमिटेड ने सामाजिक जिम्मेदारी के तहत पहल शुरू की है। कंपनी की ओर से बांदा और चित्रकूट जिलों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल के माध्यम से करीब 900 प्रभावित समुदाय के सदस्यों तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी के प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम ‘प्रगति’ के तहत यह राहत अभियान चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस पहल को इंडस टावर्स के कर्मचारियों ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आगे बढ़ाया है। इसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित और असुरक्षित परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही जरूरी सामग्री
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में इंडस टावर्स की राहत पहल के तहत जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और स्वच्छता उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष देखभाल किट भी वितरित की जा रही हैं। कंपनी के अनुसार, राहत सामग्री का उद्देश्य बाढ़ के कारण पैदा हुई सबसे तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रभावित परिवारों की सहायता करना है।
इस तरह राहत अभियान केवल खाद्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकताओं को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों को मुश्किल परिस्थितियों में कुछ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
संकट के समय समुदायों के साथ खड़े रहने पर जोर
इंडस टावर्स के सर्कल CEO (UPE) विजय चतुर्वेदी ने राहत पहल को लेकर कहा कि आपदा के समय किसी समुदाय की वास्तविक ताकत उसके लोगों की मजबूती और आपसी सहयोग में दिखाई देती है। उनके मुताबिक, बाढ़ ने बांदा, चित्रकूट और महोबा में जीवन और आजीविका को प्रभावित किया है और बड़ी संख्या में परिवारों के सामने गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं।
उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित समुदायों के साथ खड़ा रहना कंपनी की जिम्मेदारी के साथ-साथ उसके लिए सौभाग्य भी है। राहत पहल के माध्यम से कंपनी प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रही है। साथ ही, इस प्रयास का उद्देश्य समुदायों में एकजुटता की भावना को मजबूत करना भी है, ताकि वे आपदा के बाद दोबारा संभलने और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें।
राहत के साथ पुनर्वास और आजीविका पर भी ध्यान
बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों के सामने केवल तत्काल राहत की जरूरत नहीं होती, बल्कि सामान्य जीवन की ओर लौटना भी एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में इंडस टावर्स ने राहत के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका बहाली, सामुदायिक लचीलापन मजबूत करने और पुनर्निर्माण से जुड़े प्रयासों के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई है।
कंपनी के अनुसार, जैसे-जैसे बांदा और चित्रकूट जैसे प्रभावित जिले राहत से पुनर्प्राप्ति की ओर बढ़ेंगे, कंपनी ऐसे प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी, जो लोगों को दोबारा अपने जीवन और आजीविका को व्यवस्थित करने में मदद करें।
दरअसल, प्राकृतिक आपदा के बाद किसी क्षेत्र की स्थिति सामान्य होने में समय लगता है। इसलिए तत्काल राहत के साथ लंबे समय तक चलने वाले सामुदायिक सहयोग की भी जरूरत होती है। इंडस टावर्स की इस पहल को इसी व्यापक दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा सकता है।
‘प्रगति’ के जरिए सामुदायिक विकास की पहल
इंडस टावर्स के मुताबिक, ‘प्रगति’ कंपनी का प्रमुख CSR कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में सामुदायिक विकास से जुड़े कार्य किए जाते हैं। कंपनी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में राहत प्रयासों सहित विभिन्न सामाजिक पहलों को आगे बढ़ाती रही है।
कंपनी का कहना है कि मौजूदा राहत अभियान संकट के समय समुदायों की मदद करने और समयबद्ध हस्तक्षेप के जरिए स्थानीय स्तर पर लचीलापन मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए इस तरह की सहायता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आपदा के दौरान रोजमर्रा की आवश्यकताओं की उपलब्धता प्रभावित हो जाती है। प्राथमिक चिकित्सा, स्वच्छता सामग्री और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत देने में उपयोगी हो सकती है।
देशभर में दूरसंचार अवसंरचना से जुड़ी कंपनी है इंडस टावर्स
इंडस टावर्स लिमिटेड भारत में निष्क्रिय दूरसंचार अवसंरचना उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी विभिन्न मोबाइल ऑपरेटरों के लिए दूरसंचार टावर और संचार संरचनाएं स्थापित करने, उनका स्वामित्व रखने तथा प्रबंधन का काम करती है।
कंपनी द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, उसके पोर्टफोलियो में 2,67,611 से अधिक टावर और 4,32,250 को-लोकेशन शामिल हैं। कंपनी की मौजूदगी देश के सभी 22 दूरसंचार सर्किलों में बताई गई है। इसके अलावा इंडस टावर्स भारत में सभी वायरलेस दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी ने अपने परिचालन में हरित ऊर्जा से जुड़ी पहलों को अपनाने को लेकर भी उद्योग में अपनी भूमिका का उल्लेख किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में शुरू की गई मौजूदा राहत पहल के जरिए कंपनी ने बाढ़ प्रभावित समुदायों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिश की है।
कुल मिलाकर, बांदा और चित्रकूट में इंडस टावर्स की बाढ़ राहत पहल प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है। करीब 900 समुदाय सदस्यों तक पहुंच बनाने वाली इस पहल में सूखा राशन, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, स्वच्छता उत्पाद और विशेष देखभाल किट जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी ने राहत के बाद पुनर्वास, आजीविका बहाली और स्थानीय स्तर पर लचीलापन मजबूत करने वाले प्रयासों के समर्थन की प्रतिबद्धता भी जताई है।

