बुलंदशहर में इमरान मसूद का बड़ा बयान, बोले- भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट न हों मुस्लिम, कांग्रेस के साथ आने की अपील

WhatsApp Image 2026-09-12 at 12.34.27 PM

Digital UP News Desk

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने भी संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। बुलंदशहर के औरंगाबाद में शुक्रवार को आयोजित विजय संकल्प रैली में कांग्रेस नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और प्राथमिकताओं को सामने रखा। रैली में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान ने खास तौर पर राजनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया।

इमरान मसूद ने मुस्लिम समाज को संबोधित करते हुए कहा कि केवल भारतीय जनता पार्टी को हराने के उद्देश्य से एकजुट होकर मतदान करने की रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के नाम पर एकजुट होने की अपील की। उनके बयान को कांग्रेस की ओर से मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट न हों: इमरान मसूद

विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि मतदाताओं को उम्मीदवार से ज्यादा विचारधारा को महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार कोई भी हो, अगर वह एक विचारधारा के प्रति दृढ़ है तो वही विचारधारा लोगों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा कर सकती है।

कांग्रेस सांसद ने मुस्लिम समाज से कांग्रेस और राहुल गांधी के नाम पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के नाम पर एकजुट होकर मतदान करने के बजाय मतदाताओं को सोच-समझकर अपने वोट का फैसला करना चाहिए।

इमरान मसूद ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मुस्लिम मतदाता भाजपा को हराने के उद्देश्य से एकजुट होते हैं, तब भाजपा और अधिक मजबूत होकर सामने आती है। उन्होंने अपने भाषण में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए।

हालांकि, उनके बयान में लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर भाजपा की ओर से इस रैली के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना जरूरी होगा।

कांग्रेस की मुस्लिम मतदाताओं पर नजर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में रहते हैं। पिछले कुछ चुनावों में इस वर्ग के एक बड़े हिस्से का समर्थन समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाने की राजनीतिक चर्चा होती रही है।

ऐसे में कांग्रेस लगातार अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाकर इस वर्ग के बीच समर्थन मजबूत करने का प्रयास कर रही है। बुलंदशहर की विजय संकल्प रैली को भी इसी व्यापक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने रैली में केवल मुस्लिम मतदाताओं ही नहीं, बल्कि दलित और अन्य सामाजिक वर्गों को भी पार्टी के साथ जोड़ने का संदेश दिया। पार्टी का जोर संविधान, सामाजिक एकता और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर दिखाई दिया।

दलित समाज से भी कांग्रेस ने मांगा समर्थन

इमरान मसूद ने अपने भाषण में दलित समाज को भी संबोधित किया। उन्होंने संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि देश के संविधान की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए विभिन्न सामाजिक वर्गों को एक साथ आगे आना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर अलग-अलग वर्ग एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे, तभी राजनीतिक बदलाव संभव होगा।

कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी रैली में संविधान और सामाजिक एकता का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए जनता को एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भूमिका निभानी होगी।

सहारनपुर की घटना का भी किया जिक्र

इमरान मसूद ने अपने भाषण में सहारनपुर से जुड़ी एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित कार्रवाई के दौरान मस्जिद को पूरी तरह गिरा दिया गया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।

सांसद ने कहा कि आने वाले समय में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, उन्होंने दोनों समुदायों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक माहौल को गरमाने के प्रयास हो सकते हैं, लेकिन लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए। इमरान मसूद ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में सामाजिक शांति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

दंगा न होने देने की अपील

अपने संबोधन में इमरान मसूद ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जैसी हों, लोगों को कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही होना चाहिए।

उन्होंने सहारनपुर के हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों के धैर्य की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति आगे भी बनी रहनी चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक स्तर पर कई तरह के प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन जनता को किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहिए।

इस बयान से कांग्रेस की चुनावी रणनीति का एक अहम पक्ष भी सामने आता है, जिसमें पार्टी सामाजिक एकता और शांतिपूर्ण राजनीतिक भागीदारी को प्रमुख मुद्दा बनाना चाहती है।

2027 को लेकर कांग्रेस की तैयारी

रैली में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के लक्ष्य की बात की। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा।

वहीं, यूपी चुनाव के सह प्रभारी संजीव आर्य ने कहा कि कांग्रेस का दीर्घकालिक लक्ष्य 2029 का लोकसभा चुनाव है और 2027 का विधानसभा चुनाव उसके लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए कहा कि केंद्र की सत्ता तक पहुंचने के लिए उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम है।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने की संभावना है और इसके लिए विपक्षी दलों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच समन्वय जरूरी है।

राज बब्बर ने कांग्रेस को बताया विकल्प

रैली में पूर्व सांसद और अभिनेता राज बब्बर ने भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस ही ऐसा राजनीतिक विकल्प है, जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की। कांग्रेस नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी को गति देना चाहती है।

क्या है कांग्रेस की रणनीति?

बुलंदशहर की विजय संकल्प रैली को कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी एक ओर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर दलित और अन्य सामाजिक वर्गों को भी अपने साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है।

इसके अलावा संविधान, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे मुद्दों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने की रणनीति भी दिखाई दे रही है। हालांकि, इन प्रयासों का वास्तविक चुनावी प्रभाव 2027 के विधानसभा चुनाव में ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल, बुलंदशहर की रैली से कांग्रेस ने यह संकेत जरूर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने जा रही है। इमरान मसूद का मुस्लिम मतदाताओं को दिया गया संदेश इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

You may have missed