खतरे में आया बिजनौर जिला: उफान पर आई मालन नदी, इन इलाकों में घुसा पानी, आगे पढ़िए
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: जनपद बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों से आए पानी के कारण मालन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। बुधवार-बृहस्पतिवार की रात से नदी उफान पर है, जिससे आसपास के कई मोहल्लों, गांवों और कृषि क्षेत्रों में पानी भर गया। इसके चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों के लोग जल्द राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद बढ़ा नदी का जलस्तर
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ों में लगातार हो रही तेज बारिश का असर गुरुवार तड़के नजीबाबाद क्षेत्र में देखने को मिला। सुबह करीब चार बजे से मालन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हुआ, जिसके बाद नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों की ओर फैलने लगा।
धीरे-धीरे पानी कई रिहायशी क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया। देखते ही देखते कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित होने लगे।
मोहल्लों और गांवों में घुसा पानी
मालन नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर तहसील नजीबाबाद के कई मोहल्लों, बस्तियों और गांवों तक पहुंच गया। कई घरों के आसपास पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जिसके कारण घरेलू सामान और खाद्य सामग्री भी प्रभावित हुई। लोगों ने अपने आवश्यक सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रयास किया, जबकि कई परिवार पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
खेतों में भरा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ते जलस्तर का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। नदी का पानी खेतों में पहुंचने से कई किसानों की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि यदि पानी लंबे समय तक खेतों में भरा रहा, तो फसलों को अधिक नुकसान हो सकता है।
हालांकि, नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी नहीं किया गया है। संबंधित विभागों द्वारा स्थिति का जायजा लेने की प्रक्रिया जारी है।
संतोषी माता टीला मंदिर के आसपास जलभराव
स्थानीय लोगों के अनुसार, संतोषी माता टीला मंदिर के आसपास की सड़कों पर लगभग तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया। इसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
जलभराव के चलते कई रास्तों पर वाहनों की गति भी प्रभावित रही। लोगों ने प्रशासन से जल्द पानी की निकासी की मांग की है ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
जनजीवन हुआ प्रभावित
बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर का असर नजीबाबाद के दैनिक जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है।
वहीं, स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के कारण बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने बताई जलभराव की वजह
क्षेत्र के कई लोगों का आरोप है कि नदी के बीच बने एक आवासीय कॉलोनी क्षेत्र के कारण पानी के प्राकृतिक बहाव में बाधा उत्पन्न होती है। उनका कहना है कि इसी कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में नदी का पानी आसपास के मोहल्लों और गांवों में प्रवेश कर जाता है।
हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की ओर से नहीं की गई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच और स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
हर वर्ष सामने आती है समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मालन नदी के आसपास रहने वाले लोगों को लगभग हर वर्ष बारिश के मौसम में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनका मानना है कि यदि नदी के प्रवाह और जल निकासी व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया जाए, तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
लोगों ने प्रशासन से दीर्घकालिक योजना बनाकर स्थायी समाधान करने की मांग की है।
स्थायी समाधान की मांग तेज
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी के बहाव क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराया जाए। साथ ही, यदि कहीं अवरोध की स्थिति है तो विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उनका कहना है कि केवल बारिश के दौरान राहत कार्य करने के बजाय भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापक जल प्रबंधन योजना बनाई जानी चाहिए।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाएंगे। किसानों को भी उम्मीद है कि यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो नियमानुसार सर्वे कर राहत प्रदान की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सतर्क रहना चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना, बच्चों को नदी और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखना तथा मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन करना सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक है।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल नजीबाबाद और आसपास के क्षेत्रों में मालन नदी के बढ़े जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलस्तर में और बदलाव संभव है। ऐसे में प्रशासन, स्थानीय निकाय और संबंधित विभागों के समन्वय से राहत एवं निगरानी कार्य जारी है। वहीं, स्थानीय नागरिकों की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि हर वर्ष होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

