कानपुर में फर्जी नोट बनाने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा
कानपुर। अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कानपुर पुलिस को फर्जी नोट तैयार करने वाले कथित गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। अपराध शाखा और थाना रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रामलीला ग्राउंड के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों पर प्रिंटर की सहायता से 500, 100 और 50 रुपये के कथित फर्जी नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने की योजना बनाने का आरोप है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फर्जी मुद्रा तैयार करने और उसे बाजार में खपाने की कोशिश से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से एक प्रिंटर और कूट रचित फर्जी नोट बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कथित फर्जी नोटों को कहां-कहां चलाने की योजना थी और इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, अपराध शाखा और थाना रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम अपराधियों की तलाश और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी नोट तैयार करने से संबंधित गतिविधि में शामिल हैं और रामलीला ग्राउंड के आसपास मौजूद हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर निगरानी शुरू की। इसके बाद रामलीला ग्राउंड के पास से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक प्रिंटर तथा कथित रूप से कूट रचित फर्जी नोट बरामद हुए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
500, 100 और 50 रुपये के कथित फर्जी नोट तैयार करने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर प्रिंटर की मदद से अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोट तैयार करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 500 रुपये, 100 रुपये और 50 रुपये के फर्जी नोट तैयार किए थे।
हालांकि, बरामद नोटों की वास्तविक प्रकृति और उनकी गुणवत्ता से संबंधित अंतिम निष्कर्ष जांच तथा आवश्यक परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने बरामद सामग्री को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर लिया है।
फर्जी मुद्रा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां सामान्य तौर पर यह पता लगाने का प्रयास करती हैं कि कथित रूप से तैयार किए गए नोटों का इस्तेमाल कहां किया जाना था। इसी क्रम में कानपुर पुलिस भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है।
प्रिंटर समेत अन्य सामग्री बरामद
पुलिस कार्रवाई में एक प्रिंटर की बरामदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इसी प्रिंटर की सहायता से कथित रूप से फर्जी नोट तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से कूट रचित नोट भी बरामद किए गए हैं।
बरामद सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री कहां से लाई गई थी और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका तो नहीं है।
आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि कथित फर्जी नोट तैयार करने की गतिविधि कब से चल रही थी। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तैयार किए गए कथित फर्जी नोटों को पहले कभी बाजार में इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
इसके अलावा आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बाजार में फर्जी मुद्रा की रोकथाम पर पुलिस का जोर
फर्जी मुद्रा से संबंधित गतिविधियां आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए भी चिंता का विषय बन सकती हैं। इसलिए पुलिस की ओर से समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कानपुर में हुई इस कार्रवाई को भी इसी अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस का उद्देश्य कथित तौर पर फर्जी नोट तैयार करने वालों तक पहुंचने के साथ-साथ उनके संभावित नेटवर्क का पता लगाना भी है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से खुलेगा नेटवर्क का राज
रामलीला ग्राउंड के पास से तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कथित रूप से तैयार किए गए नोटों को किन स्थानों पर इस्तेमाल करने की योजना थी।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि आरोपियों ने इस तरह की गतिविधि के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री कहां से प्राप्त की। यदि किसी संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं, तो जांच के आधार पर उसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी, एक प्रिंटर और कथित कूट रचित फर्जी नोटों की बरामदगी सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस अभियान के तहत मिली सफलता
कानपुर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपराध शाखा और थाना रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस कथित फर्जी मुद्रा से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। वहीं, बरामद प्रिंटर और कथित फर्जी नोटों को जांच में शामिल किया गया है। आने वाले समय में जांच से इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

