वाराणसी के कश्मीरीगंज में एक माह से सीवर का पानी जमा, गणेश प्रतिमा स्थापना से पहले समाधान की मांग

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रिपोर्ट- धर्मेन्द्र पाण्डेय 

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में खोजवां क्षेत्र के कश्मीरीगंज में करीब एक महीने से सीवर और जलभराव की समस्या बनी हुई है। सड़क और गलियों में लंबे समय से जमा गंदे पानी तथा उससे उठने वाली दुर्गंध से स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज क्षेत्रीय नागरिकों और बटुकों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीवर समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, कश्मीरीगंज क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से सीवर का पानी सड़कों और गलियों में जमा है। इसके कारण लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं, लगातार जमा पानी से आसपास के वातावरण में दुर्गंध बनी हुई है। ऐसे में घरों में रहने वाले लोगों को भी रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लंबे समय से समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोग

नागरिकों का कहना है कि कश्मीरीगंज का यह इलाका महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास स्थित है। क्षेत्र में श्रीराम मंदिर, जैन मंदिर, मंत्री रविंद्र जायसवाल का आवास और कुछ ही दूरी पर प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय भी है। इसके बावजूद सीवर और जलभराव की समस्या का लंबे समय तक बने रहना लोगों के लिए चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने कई बार संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अपेक्षित स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसके बाद शुक्रवार को लोगों का आक्रोश सामने आया और उन्होंने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर धरना दिया।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने क्षेत्र की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि सीवर का पानी हटाने के साथ-साथ उस व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए, जिसकी वजह से बार-बार जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। केवल पानी निकाल देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

विधायक नीलकंठ तिवारी ने समझाकर समाप्त कराया धरना

शुक्रवार को धरने की जानकारी मिलने के बाद विधायक नीलकंठ तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने लोगों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि धरना समाप्त होने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। यही वजह रही कि अगले दिन यानी शनिवार को क्षेत्रीय नागरिकों ने दोबारा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि जब तक मौके पर मौजूद सीवर और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

शनिवार को मौके पर पहुंचे कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव

शनिवार को दोबारा धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थानीय नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। विधायक ने जलभराव वाले स्थानों को देखा और वहां की स्थिति की जानकारी ली।

इसके बाद मौके पर अधिकारियों को भी बुलाया गया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से सीवर और जलभराव की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा समस्या के जल्द समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अपनी परेशानियां विस्तार से विधायक के सामने रखीं।

लोगों ने बताया कि लंबे समय से जमा सीवर के पानी के कारण आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही गंदे पानी और दुर्गंध की वजह से क्षेत्र का वातावरण भी प्रभावित है। स्थानीय महिलाओं ने भी विधायक से शिकायत करते हुए बताया कि घरों में रहने के दौरान लगातार बदबू का सामना करना पड़ता है।

स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी असर

जलभराव की समस्या का असर क्षेत्र के स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, गंदे पानी से भरे रास्तों से होकर बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कुछ बच्चे पिछले कई दिनों से विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को जलभराव वाले रास्तों से भेजना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसके परिणामस्वरूप बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लोगों ने मांग की कि समस्या का समाधान केवल स्थानीय सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों और परिवारों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी जल्द किया जाना चाहिए।

दरअसल, सड़क पर लगातार पानी जमा रहने से पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। इसके अलावा, आसपास के घरों में रहने वाले लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

गणेश उत्सव से पहले समाधान की मांग

अब स्थानीय नागरिकों की सबसे बड़ी चिंता आगामी गणेश उत्सव को लेकर है। लोगों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह बाद कश्मीरीगंज स्थित आदर्श पुस्तकालय के पास वाराणसी की बड़ी गणेश प्रतिमाओं में से एक की स्थापना की जाती है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि गणेश प्रतिमा की स्थापना से पहले सीवर का पानी पूरी तरह हटाया जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। नागरिकों का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग दर्शन और पूजन के लिए पहुंचेंगे। यदि उस समय भी सड़क और गलियों में गंदा पानी जमा रहा तो श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होगी।

इसके अलावा, धार्मिक आयोजन के दौरान साफ-सफाई और सुचारु आवागमन बेहद जरूरी है। इसलिए स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि प्रशासन और संबंधित विभाग आयोजन से पहले क्षेत्र की व्यवस्था को दुरुस्त करें।

केवल पानी हटाना नहीं, स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग सिर्फ सड़क से पानी हटाने तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि सीवर व्यवस्था की समस्या की मूल वजह की पहचान की जाए और उसका स्थायी समाधान किया जाए। यदि जलनिकासी व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहेगी।

नागरिकों का कहना है कि करीब एक महीने से चली आ रही समस्या ने उनके दैनिक जीवन को प्रभावित किया है। इसलिए अब वे तत्काल कार्रवाई चाहते हैं। शनिवार को विधायक के निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द मौके पर कार्रवाई शुरू करेगा।

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