फर्रुखाबाद-हरदोई डिपो की बसों पर मनमानी के आरोप, एटा बाईपास से सवारियां छोड़ने की शिकायत
रिपोर्ट- नन्द कुमार
एटा। फर्रुखाबाद और हरदोई डिपो से दिल्ली के लिए संचालित रोडवेज बसों को लेकर यात्रियों ने गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। यात्रियों का आरोप है कि कुछ बस चालक और परिचालक एटा शहर के निर्धारित स्टॉपेज पर सवारियों को बैठाने के बजाय बसों को बाईपास मार्ग से निकाल देते हैं। इससे अलीगंज, जैथरा, धुमरी, बागवाला और शीतलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि एटा शहर को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से बाईपास का निर्माण किया गया था, ताकि भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरने की आवश्यकता न पड़े। हालांकि, रोडवेज बसों के संचालन को लेकर यात्रियों की शिकायत है कि बाईपास का इस्तेमाल कुछ बस चालक निर्धारित स्टॉपेज पर यात्रियों को न बैठाने के लिए कर रहे हैं। इसके चलते यात्रियों को बस पकड़ने के लिए इंतजार करना पड़ता है और कई बार उन्हें निजी साधनों या अन्य बसों का सहारा लेना पड़ता है।
निर्धारित स्टॉपेज पर नहीं रुकने की शिकायत
स्थानीय यात्रियों के मुताबिक फर्रुखाबाद और हरदोई डिपो की दिल्ली जाने वाली कुछ बसें एटा के निर्धारित पड़ाव पर रुकने के बजाय बाईपास मार्ग से आगे निकल जाती हैं। यात्रियों का आरोप है कि कई बार बसों में पर्याप्त स्थान होने के बावजूद रास्ते में खड़े यात्रियों को बैठाने से इनकार कर दिया जाता है।
सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को होती है जिन्हें अलीगंज, जैथरा, धुमरी, बागवाला और शीतलपुर जैसे स्थानों से दिल्ली या अन्य शहरों की यात्रा करनी होती है। इन यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बस सेवा उनके लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन यदि बस निर्धारित स्थान पर नहीं रुकेगी तो उन्हें अतिरिक्त समय और किराया दोनों खर्च करना पड़ता है।
इसके अलावा, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को भी बस पकड़ने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। यात्रियों के अनुसार कई बार उन्हें बसों के पीछे दौड़ना पड़ता है, लेकिन चालक बस रोकने के बजाय आगे बढ़ा देते हैं।
यात्रियों ने लगाए मनमानी के आरोप
अलीगंज निवासी अनिल कुमार गुप्ता ने रोडवेज बसों के संचालन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि बस चालकों और परिचालकों की मनमानी के कारण आम यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार महिलाएं और अन्य यात्री बस पकड़ने के लिए पीछे दौड़ते हैं, लेकिन चालक-परिचालक बस नहीं रोकते।
अनिल कुमार गुप्ता के मुताबिक त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में रोडवेज बसों से यात्रा करने वाले लोगों को अधिक परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान भी यात्रियों को बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग भी इस समस्या से प्रभावित होते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ बस चालक यह कहकर बीच रास्ते की सवारियों को बैठाने से इनकार कर देते हैं कि बस सीधे दिल्ली जाएगी और रास्ते में यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा। इससे उन लोगों को परेशानी होती है जो अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बस सेवा पर निर्भर हैं।
एटा बाईपास को लेकर यात्रियों की अलग परेशानी
एटा बाईपास शहर के यातायात को सुचारु बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है। बाईपास के जरिए भारी वाहनों को शहर के अंदर आने से रोकने में मदद मिलती है और यातायात का दबाव कम किया जा सकता है। हालांकि, यात्रियों की शिकायत है कि रोडवेज बसों द्वारा बाईपास का इस्तेमाल किए जाने से शहर और आसपास के निर्धारित स्टॉपेज से यात्रा करने वाले लोगों को नुकसान हो रहा है।
यात्रियों का कहना है कि यदि किसी बस का निर्धारित मार्ग और स्टॉपेज तय है, तो उसे यात्रियों की सुविधा के अनुरूप संचालन किया जाना चाहिए। वहीं, यदि बस का संचालन बाईपास से ही किया जाना है, तो यात्रियों को पहले से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकें।
परिवहन निगम के राजस्व पर भी असर का दावा
स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया है कि यदि बसें निर्धारित स्टॉपेज पर यात्रियों को नहीं बैठाती हैं तो इससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के राजस्व पर भी असर पड़ सकता है। यात्रियों का कहना है कि बसों में उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग किया जाए तो निगम को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है।
हालांकि, इस संबंध में वास्तविक राजस्व नुकसान कितना है, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए यात्रियों के इस दावे को शिकायत के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। संबंधित डिपो और परिवहन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियमों के उल्लंघन के कारण निगम को वास्तव में कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है।
एटा जाने वाले यात्रियों को भी हो रही परेशानी
हिरदेपुर निवासी सहदेव ने भी बस संचालन को लेकर अपनी परेशानी बताई। उन्होंने बताया कि वह एटा जा रहे थे। इसी दौरान हरदोई डिपो की बस आई, लेकिन चालक द्वारा बाईपास से जाने की बात कही गई। ऐसे में उन्हें बस से यात्रा करने में परेशानी हुई।
यात्रियों के मुताबिक ऐसी स्थिति केवल एक यात्री के साथ नहीं है, बल्कि कई लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि रोडवेज बसें यदि निर्धारित स्टॉपेज पर रुकें तो यात्रियों को सुविधा मिलेगी और निगम की बस सेवा के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा।
जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने और निर्धारित स्टॉपेज पर बसों के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि बस चालकों और परिचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार बसों का संचालन करें।
इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए निर्धारित स्टॉपेज की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए। यदि किसी मार्ग पर बाईपास के कारण बसों के संचालन में बदलाव किया गया है तो उसकी जानकारी भी यात्रियों को दी जानी चाहिए।
लोगों का कहना है कि रोडवेज परिवहन व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसलिए यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित डिपो के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी करनी चाहिए।
त्योहारों के समय बढ़ जाती है समस्या
त्योहारी सीजन में दिल्ली, फर्रुखाबाद, हरदोई और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में रोडवेज बसों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यात्रियों का कहना है कि विशेष अवसरों पर बसों की संख्या और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता होती है।
विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बसों का निर्धारित स्थान पर रुकना बेहद जरूरी है। यदि बसें बिना रुके निकल जाती हैं तो यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है। इससे उनका समय भी खराब होता है और कई बार जरूरी काम प्रभावित हो जाते हैं।
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फर्रुखाबाद और हरदोई डिपो की बसों को लेकर यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित परिवहन अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल यात्रियों ने मांग की है कि निर्धारित स्टॉपेज पर बसों के रुकने और यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था की निगरानी की जाए।
यदि जांच में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि संचालन नियमों के अनुरूप पाया जाता है तो यात्रियों को भी बसों के निर्धारित मार्ग और स्टॉपेज की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी होगा।

