सहसवान में जलभराव को लेकर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन, स्थायी समाधान की मांग
रिपोर्ट- सैयद तुफैल अहमद
बदायूं। बदायूं जिले के सहसवान में जलभराव की समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर स्थानीय प्रशासन का ध्यान नागरिकों की परेशानियों की ओर आकर्षित किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर के कई प्रमुख इलाकों में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान सड़कों और गलियों में पानी भर जाता है। इससे स्थानीय लोगों, बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। इसके साथ ही नगर पालिका, जल निगम और लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों की जांच कराने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर पानी निकालने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था और आवश्यक स्थानों पर नए नालों का निर्माण कराया जाना चाहिए।
कई इलाकों में जलभराव का दावा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुताबिक सहसवान के सैफुल्लागंज, नवादा, गोपालगंज समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान पानी की निकासी पर्याप्त गति से नहीं हो पाती, जिसके कारण सड़क और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा हो जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जलभराव का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा के कामों के लिए घरों से निकलने में भी परेशानी होती है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। वहीं, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में परेशानी होने की बात कांग्रेस नेताओं ने कही।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और यह पता लगाया जाए कि किन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है। इसके बाद संबंधित विभागों के समन्वय से स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए।
एंबुलेंस फंसने का भी लगाया आरोप
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जलभराव की वजह से कई बार आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के आवागमन में भी दिक्कत आती है। नेताओं ने एंबुलेंस के फंसने और राहगीरों को हादसों जैसी परिस्थितियों का सामना करने का दावा किया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए रास्ते सुगम रहना बेहद जरूरी है। इसलिए जलभराव वाले मार्गों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में कांग्रेस कार्यकर्ता स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सुरेंद्र सिंह को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित इलाकों में जलभराव की समस्या का समाधान कराने और संबंधित विभागों की संयुक्त जांच कराने की मांग की गई।
कांग्रेस ने कहा कि जलभराव के कारण नागरिकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन को मामले को प्राथमिकता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराना चाहिए। साथ ही यह भी तय किया जाना चाहिए कि पानी की निकासी में बाधा कहां उत्पन्न हो रही है और उसे दूर करने के लिए कौन-कौन से स्थायी कार्य आवश्यक हैं।
ज्ञापन में नगर पालिका, जल निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की संयुक्त टीम से जांच कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अलग-अलग विभागों के स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय सभी संबंधित विभागों को मिलकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
नए नालों के निर्माण की मांग
कांग्रेस नेताओं ने सहसवान में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए नालों के निर्माण की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में मौजूदा नाले पर्याप्त क्षमता के नहीं हैं, वहां उनकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा जहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां जरूरत के अनुसार नए नाले बनाए जाने चाहिए।
इसके साथ ही पुराने नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों की नियमित निगरानी और बारिश से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने की मांग की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, यदि जल निकासी व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित किया जाए तो बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जलभराव जैसी समस्या का समाधान केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, नालों की क्षमता और पानी के प्राकृतिक बहाव का अध्ययन करना जरूरी है। इसके बाद स्थायी जल निकासी की योजना तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित इलाकों की सूची तैयार कर वहां प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाए। साथ ही नालों की नियमित सफाई और उनकी क्षमता की जांच भी कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान जल निकासी प्रभावित न हो।
स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को देखते हुए कांग्रेस ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से समस्या को प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है और अब उन्हें उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना और उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित कराना है।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान जल निकासी व्यवस्था में सुधार, प्रभावित क्षेत्रों की जांच और नए नालों के निर्माण सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर है। यदि संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाते हैं, तो लंबे समय से बताई जा रही समस्या से नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

