फतेहपुर में चार दिन से लापता 11वीं का छात्र, साइकिल बनवाने निकला था योगेश

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रिपोर्ट- रामचन्द्र सैनी

फतेहपुरः उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कक्षा 11 में पढ़ने वाला एक किशोर पिछले चार दिनों से लापता है। राधानगर थाना क्षेत्र के सथरियांव गांव निवासी योगेश कुमार 6 सितंबर की सुबह घर से साइकिल बनवाने के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने राधानगर थाने में प्रार्थना पत्र देकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर किशोर की तलाश में जुटी है।

परिजनों के मुताबिक योगेश कुमार सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, रघुवंश पुरम में कक्षा 11 का छात्र है। 6 सितंबर 2026 की सुबह वह अपनी साइकिल बनवाने की बात कहकर घर से निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि साइकिल बनवाने के बाद वह जल्द ही घर लौट आएगा। हालांकि, शाम होने के बाद भी जब योगेश वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता होने लगी।

इसके बाद परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों के अलावा रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया। कई संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन योगेश के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। लगातार प्रयास के बावजूद जब कोई सुराग हाथ नहीं लगा तो परिवार ने पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।

सीसीटीवी फुटेज में साइकिल से जाता दिखाई दिया किशोर

गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का प्रयास किया। इसी क्रम में सथरियांव मार्ग पर साहू चक्की के पास से बाल मंदिर इंटर कॉलेज की ओर जाने वाले रास्ते पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में योगेश साइकिल से जाता हुआ दिखाई दिया।

फुटेज मिलने के बाद पुलिस को उम्मीद जगी कि किशोर की आगे की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद वह किस दिशा में गया, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। पुलिस ने बांदा-टांडा मार्ग और आसपास के संभावित रास्तों पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

जयरामनगर चौराहे के कैमरों से नहीं मिल सकी मदद

पुलिस ने योगेश के संभावित रास्ते का पता लगाने के लिए जयरामनगर चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों और पुलिस के अनुसार वहां लगे कैमरे खराब पाए गए। ऐसे में जांच टीम को उस स्थान से अपेक्षित जानकारी नहीं मिल सकी।

सीसीटीवी कैमरों के खराब होने की वजह से किशोर के आगे जाने वाले रास्ते को लेकर जांच में फिलहाल स्पष्टता नहीं बन सकी है। इसके बावजूद पुलिस अन्य उपलब्ध माध्यमों से योगेश की तलाश करने में जुटी हुई है।

मोबाइल पर मिले दो मैसेज से भी जांच को दिशा देने की कोशिश

परिजनों के अनुसार योगेश के मोबाइल फोन पर कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा के दो मैसेज मिले हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने छात्रा के परिजनों को बुलाकर पूछताछ भी की। हालांकि, अभी तक पूछताछ से ऐसा कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है, जिससे योगेश के वर्तमान स्थान का पता लगाया जा सके।

पुलिस की जांच जारी है और छात्रा से जुड़े पहलू को भी अन्य तथ्यों के साथ देखा जा रहा है। केवल मोबाइल पर मिले मैसेज के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

चार दिन से बेटे की तलाश में परेशान परिवार

योगेश के लगातार घर नहीं लौटने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। परिजन अपने स्तर पर भी लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि वे रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटा रहे हैं। वहीं, पुलिस से भी जल्द से जल्द किशोर का पता लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

परिजनों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि योगेश घर से सामान्य रूप से साइकिल बनवाने के लिए निकला था और इसके बाद वापस नहीं लौटा। इसलिए परिवार उसकी सुरक्षित वापसी को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है।

पुलिस ने तलाश तेज करने की बात कही

राधानगर थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से लापता छात्र की तलाश के लिए सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने किशोर के दिखाई देने वाले अंतिम स्थान और संभावित रास्तों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाओं के आधार पर किशोर तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। वहीं, परिवार से मिली जानकारी को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

परिजनों को योगेश की सुरक्षित वापसी का इंतजार

फिलहाल चार दिन बीत जाने के बाद भी योगेश का पता नहीं चल पाया है। एक सीसीटीवी फुटेज में उसके साइकिल से जाते दिखाई देने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसके बाद उसकी लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी। जयरामनगर चौराहे के खराब कैमरों के कारण जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी नहीं मिल सकी।

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