औरैया में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 35 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद उत्तर प्रदेश में भी अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में औरैया जिले में आबकारी विभाग और प्रवर्तन टीम कानपुर ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध कच्ची शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पछैया बस्ती के बनारसी दास मोहल्ले में छापेमारी कर 35 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। इसके साथ ही मौके पर करीब 400 किलोग्राम लहन नष्ट किया गया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रवि पुत्र मूलचंद, निवासी पछैया बस्ती, औरैया के रूप में हुई है। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विशेष अभियान के तहत हुई छापेमारी
अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की ओर से जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहे इसी अभियान के तहत आबकारी उपनिरीक्षक भगवान बक्श के नेतृत्व में आबकारी टीम औरैया तथा प्रवर्तन टीम कानपुर ने संयुक्त कार्रवाई की।
टीम को पछैया बस्ती के बनारसी दास मोहल्ले में अवैध शराब तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान शराब बनाने से संबंधित सामग्री की जांच की गई। इस दौरान टीम को 35 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई।
इसके अलावा मौके पर लगभग 400 किलोग्राम लहन भी मिला। आबकारी टीम ने नियमानुसार लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध शराब के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को नष्ट करना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, ताकि दोबारा उसी स्थान पर अवैध शराब तैयार न की जा सके।
एक आरोपी गिरफ्तार, आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा
छापेमारी के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान रवि पुत्र मूलचंद के रूप में हुई है। वह पछैया बस्ती, औरैया का निवासी बताया गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही, अभियान के दौरान सामने आने वाले अन्य संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दरअसल, अवैध तरीके से तैयार की जाने वाली शराब की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल सामग्री को लेकर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से ऐसे मामलों में लगातार निगरानी की जा रही है।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी
औरैया जिले में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अवैध शराब के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीमें संभावित अवैध शराब निर्माण और बिक्री वाले स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। विभाग का उद्देश्य केवल अवैध शराब को जब्त करना ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण से जुड़े ठिकानों को चिन्हित कर इस गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाना भी है।
इसके अलावा विभाग की ओर से स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीण और रिहायशी क्षेत्रों में लोगों से अपील की जा रही है कि वे अवैध स्रोतों से मिलने वाली शराब का सेवन न करें और यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होने की जानकारी मिलती है तो संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।
लोगों को किया गया जागरूक
छापेमारी की कार्रवाई के साथ आबकारी विभाग ने जनजागरूकता अभियान भी चलाया। टीम ने स्थानीय लोगों को अवैध शराब के सेवन से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जानकारी दी। लोगों से विशेष रूप से अपील की गई कि वे बिना वैध स्रोत और सरकारी लाइसेंस के बिकने वाली शराब से दूरी बनाए रखें।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता। ऐसे में लोगों को इसके संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है। विभाग की ओर से लोगों को यह भी समझाया गया कि संदिग्ध शराब की बिक्री या निर्माण की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन या आबकारी विभाग को सूचित करें।
इस तरह कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे लोगों में अवैध शराब के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आबकारी अधिकारी ने कही सख्त कार्रवाई की बात
आबकारी अधिकारी अनिल कुमार भारती ने कहा कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार संभावित स्थानों पर नजर रख रही हैं और सूचना मिलने पर छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध शराब से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसके लिए प्रवर्तन टीमों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
औरैया में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अवैध शराब के कारोबार को लेकर सतर्क है। 35 लीटर अवैध कच्ची शराब की बरामदगी और 400 किलोग्राम लहन को नष्ट किया जाना अभियान के तहत की गई कार्रवाई का हिस्सा है। वहीं, एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है

